टाटा ट्रस्ट के पास टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की 66 फीसदी हिस्सेदारी है…
नईदिल्ली (ए)। पूर्व नौकरशाह सिद्धार्थ शर्मा को टाटा ट्रस्ट का नया सीईओ नियुक्त किया गया है. फोर्ड फाउंडेशन की पूर्व अधिकारी अपर्णा उप्पालुरी को चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर बनाया गया है. सीईओ और सीओओ दोनों ही पद के लिए नियुक्तियां एक अप्रैल 2023 से प्रभावाी हो जाएंगी. टाटा ट्रस्ट ने ये जानकारी दी है। सिद्धार्थ शर्मा एन श्रीनाथ की जगह लेंगे जो पिछले साल रिटायरमेंट के बाद CEO पद से हट गए थे. 54 साल के सिद्धार्थ शर्मा भारत सरकार के अलग अलग मंत्रालयों में दो दशकों तक महत्वपूर्ण पद पर रहे हैं. 13वें और 14वें राष्ट्रपति के वे फाइनैंशियल एडवाइजर भी रहे हैं. बाद में उन्होंने टाटा समूह ज्वाइन कर लिया था. वे वहां पर नवगठित सस्टेनेबिलिटी पोर्टफोलियो का नेतृत्व कर रहे थे।
अपर्णा उप्पालुरी फोर्ड फाउंडेशन के बाद अब टाटा ट्रस्ट का हिस्सा होने जा रही हैं और वे चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर बनाई गई हैं. 48 वर्ष की अपर्णा मौजूदा समय में भारत, नेपाल और श्रीलंका के लिए फोर्ड फाउंडेशन में प्रोग्राम डायरेक्टर केपद पर तैनात हैं. टाटा ट्रस्ट ने कहा कि अपर्णा उप्पालुरी एक सम्मानीय प्रोफेशनल है जिन्हें दान करने, महिलाओं के अधिकार, पब्लिक हेल्थ, आर्ट्स और कल्चर के क्षेत्र में स्ट्रैटजिक प्लानिंग और प्रोग्राम डेवलपमेंट की अच्छी जानकारी है. 20 वर्ष के लीडरशिप और मैनेजमेंट अनुभव के साथ दौरान फोर्ड फाइंडेशन में जेंडर जस्टिस के लिए उन्होंने काफी कार्य किया है।
टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की 66 फीसदी हिस्सेदारी है जो टाटा समूह की ग्रुप कंपनियों की होल्डिंग कंपनी है. रतन टाटा की इच्छा रही है कि टाटा ट्रस्ट कुपोषण, कैंसर उपचार, स्वच्छता और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करे. जिन लोगों को ट्रस्ट ने नेतृत्व करने के लिए सेलेक्ट किया है उनके पास ऐसे क्षेत्रों में का ज्ञान और अनुभव है।














