
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। आज विजयादशमी पर नए बने जिले गौरेला पेण्ड्रा मरवाही की नई बनी पुलिस लाइन में ज़िला पुलिस कप्तान सूरज सिंह परिहार ने जिले की सर्वप्रथम अस्त्र-शस्त्र एवं वाहन-उपकरण पूजा की। बुराई पे अच्छाई की जीत का पर्व विजयादशमी के अवसर पर अस्त्र शस्त्र की पूजा की परम्परा सनातन काल से चली आ रही है। भारतीय पुलिस आज भी इस भारतीय संस्कृति को निभाती चली आ रही है और दशहरे के दिन अस्त्र-शस्त्र की पूजा करती है। छत्तीसगढ़ पुलिस का ध्येय वाक्य वैसे भी परित्राणाय साधूनाम है।
दशहरा पर्व पर जिला जीपीएम के पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने आज रक्षित केंद्र पहुंचकर वहां विधि विधान से अस्त्र-शस्त्र-वाहन-उपकरण की पूजा की और जिले में शांति व्यवस्था बनी रहे, सभी स्वस्थ रहें, लोगों का अमन चैन कायम रहे, उपचुनाव शांतिपूर्ण रहें, इसकी कामना की। पूजा पश्चात् हर्ष फ़ायर भी किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वय, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस गौरेला, रक्षित निरीक्षक,यातायात प्रभारी, थाना प्रभारी गौरेला,पेण्ड्रा एवं रक्षित केंद्र का स्टाफ उपस्थित था।
इसी प्रकार जिले के थाना गौरेला, पेण्ड्रा और मरवाही में भी अस्त्र शस्त्र की पूजा की गई तथा क्षेत्र में लॉ एंड ऑर्डर क़ायम रहे ऐसी कामना की गई क्यूँकि लॉ एंड ऑर्डर से ही किसी भी क्षेत्र में खुशहाली और तरक़्क़ी आती है, ऐसे में इस पूजा के सांकेतिक महत्व बहुत हैं।









