BREAKING

देश-दुनियाफीचर्ड

अग्निवीरों का पहला बैच तैयार है: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 40 हजार अग्निवीरों को किया संबोधित

 

जल-थल और गगम में हुंकार भरने के लिए भारतीय सेना के अग्निवीरों का पहला बैच तैयार है, सोमवार को पीएम मोदी ने 40 हजार अग्निवीरों को किया संबोधित…

नईदिल्ली (ए)। सेना में भर्ती के लिए चलाई गई अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों का पहला बैच छह महीने की कड़ी ट्रेनिंग के बाद तैयार हो गया है. देश की रक्षा के लिए अग्निवीर एकदम तैयार हैं. सोमवार 16 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अग्निवीरों के पहले बैच के साथ संवाद किया. पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अग्निवीरों को संबोधित किया। पहले बैच में 40 हजार अग्निवीर तैयार हुए हैं. इन्हें भारतीय सेना के 10 अलग-अलग रेजिमेंटल सेंटरों में प्रशिक्षण दिया गया है. पीएम मोदी के अलावा, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अग्निवीरों को संबोधित किया. जल, थल और वायुसेना के लिए ये अग्निवीर तैयार हुए हैं. अलग-अलग हथियारों की ट्रेनिंग मिल सके, इसलिए अग्निवीरों को अलग-अलग रेजिमेंटल सेंटरों में ट्रेनिंग दी जाती है।

अग्निवीरों से संवाद में पीएम मोदी ने यह कहा: समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अग्निवीरों के शुरुआती दलों के साथ संवाद में कहा, ”अग्निपथ एक परिवर्तनकारी नीति है जो सशस्त्र बलों को भविष्य के लिए तैयार करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.”

पीएम मोदी ने कहा कि सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के प्रयास जारी हैं, उन्हें ‘आत्मनिर्भर’ बनाएं. पीएम मोदी ने अग्निवीरों से कहा कि अग्निपथ योजना महिलाओं को सशक्त बनाएगी और वह सशस्त्र बलों की तीनों शाखाओं में उन्हें देखने के लिए उत्सुक हैं।

पिछले वर्ष लॉन्च हुई थी अग्निपथ योजना: बता दें कि पिछले वर्ष (14 जून, 2022) सरकार ने तीनों सेवाओं (सेना, नौसेना और वायु सेना) में सैनिकों की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना की घोषणा की थी. यह योजना चार साल की अवधि के लिए सशस्त्र बलों में सेवा करने का अवसर प्रदान करती है. इस योजना के तहत सेना में शामिल होने वाले युवाओं को ‘अग्निवीर’ नाम दिया जाएगा।

हालांकि, चार साल के बाद हर बैच के केवल 25 प्रतिशत जवानों को ही 15 साल की अवधि के लिए उनकी संबंधित सेवाओं में रखा जाएगा. विपक्षी दलों ने इस कवायद की आलोचना की है लेकिन सरकार ने कहा है कि यह सशस्त्र बलों को अधिक युवा बनाएगी और इसकी मौजूदा जरूरतों को पूरा करेगी।

Related Posts