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दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

आर्य समाज सुपेला में स्वामी श्रद्धानंद बलिदान दिवस मनाया गया

 

भिलाई। आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद के अनन्य शिष्य आर्य समाज के नेता व स्वतंत्रता सेनानी स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती के बलिदान दिवस पर आर्य समाज सुपेला भिलाई में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बृहद यज्ञ, प्रवचन एवं सम्मान हुआ। महामंत्री राजाराम प्रसाद अपने वक्तव्य में कहा की आज आर्य समाज निरन्तर कार्य कर रहा है तो इसके प्रेरणा स्त्रोत महर्षि दयानंद जी के बाद स्वामी श्रद्धानंद का नाम आता है। जो गुरुकुल कांगडी विश्वविद्यालय हरिद्वार की स्थापना की थी।

मुख्य अतिथि प्रो जनेन्द्र दीवान ने कहा महापुरुष वो होते हैं जो देशहित सर्वप्रथम व सर्वोपरि होना जरूरी, देश है तो हम हैं, श्रद्धानन्द की एक घटना का वर्णन किए। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य राजेश शास्त्री ने कहा कि अंग्रेजी सभ्यता और अंग्रेजो के प्रति विरोध करते हुए दिल्ली के चांदनी चौक में अंग्रेजों को छाती खोल कर गोली चलाने की धमकी दी, अंग्रेजो को पीछे हटाना पड़ा और मार्ग खुल गया।

विशाल हिन्दू-मुसलमान की मिली जुली भीड़ सभा को सम्बोधित किया, स्वामी जी जयकार हुई। 4 अप्रैल 1919, जामा मस्जिद दिल्ली मुसलमानों के विशाल समूह के आग्रह पर आमंत्रित थे, स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती इतिहास में यहां से वेदमंत्र पाठ कर प्रवचन करने वाले प्रथम आर्य सन्यासी उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र से अपना व्याख्यान दिया। कोषाध्यक्ष उमाशंकर ने आये हुए आर्यजनों तथा अतिथियों का स्वागत तथा सम्मान किया। रामनाथ राय ने सभी लोगों का आभार एवं धन्यवाद प्रकट किया।

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