दुर्ग। विधुत विभाग में आउटसोर्सिग, ठेका प्रथा प्लेसमेंट पद्धति बंद कर कार्यरत कर्मचारियों को विभाग में समायोजित करने मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम से दुर्ग कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया, यह ज्ञापन एसडीएम जागेश्वर कौशल ने लिया। ज्ञापन में मांग की गई है की…छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत विभाग में कई वर्षों से आउटसोर्सिग ठेका प्रथा प्लेसमेंट पद्धति से कर्मचारी रखे गए हैं, यह कर्मचारी विगत कई वर्षों से विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं ज्यादातर कर्मचारी नौकरी की तय उम्र सीमा के करीब है। साथ ही यह कर्मचारी पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इनके भविष्य को सुरक्षित करने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल उदासीन है एवं ठेका कर्मचारियों के हितों में किसी प्रकार से निर्णय लेने में सक्षम नहीं है इस करण से कलेक्टर दुर्ग को स्थानीय कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा।
दरअसल सभी कर्मचारियों को ठेकेदारों के माध्यम से वेतन भुगतान किया जाता है। साथ ही सामाजिक सुरक्षा के नाम पर ई.पी.एफ. और ई.एस.आई.सी. की सुविधा दी जाती है किंतु दुर्भाग्यवश से यह सुविधा सभी कर्मचारियों तक नहीं पहुंच पाती है और ना ही समय पर वेतन कलेक्टर दर में प्रदान नही किया जाता है, कई बार ठेका प्रथा हटाने के बारे में पत्राचार किया गया है किंतु विदयुत विभाग नीतिगत निर्णय का हवाला देकर ठेका कर्मियों की मांगों को पूरा नहीं करती। कर्मचारियों के हित में निर्णय लेकर ठेका प्रथा बंद कर बीच के बिचौलियों को हटाकर ठेका कर्मचारियों को विभाग में मर्ज कर राजकीय कोष से पीडब्ल्यूडी और वन विभाग के तर्ज पर विभागीय वेतन प्रदान करें, 62साल की जॉब सुरक्षा दे।
छत्तीसगढ़ में यहां पर यह भी उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के पूर्व कांग्रेस पार्टी ने अपने जन घोषणापत्र के द्वारा यह वादा किया गया था कि ठेका प्रथा बंद कर दिया जाएगा। परंतु विधुत विभाग ठेका में धड़ल्ले से निविदा टेंडर दिया जा रहा है। जिस के संबंध में कर्मचारियों द्वारा कई- बार लेटर पत्राचार एवं न्यूज में जानकारी आती रही है फिर भी विधुत विभाग द्वारा इस पर कोई बड़ा कार्यवाही नहीं किया गया है। यह सभी घटनाएं विद्युत विभाग के अधिकारियों की मानसिकता को साफ दर्शाती है की कर्मचारियों के साथ शोषण हो जिनसे ठेकेदारों और
अधिकारियों को लगातार लाभ हो।
विधुत विभाग के सभी ठेका कर्मचारियों ने मांग की है कि बिना
कटनी-छटनी किये ठेका प्रथा बंद कर विभाग में समायोजन करे और चुनाव में किया गया अपना वादा निभा कर विद्युत विभाग में ठेका कर्मचारियों के साथ हो रहे शोषण से मुक्ति दिलाये।
पत्र में लिखा गया है कि निवेदन करते हैं कि विद्युत विभाग के अधिकारी प्रबंधक निर्देशक छत्तीसगढ़ स्टेड डिस्ट्रीब्यूशन-ट्रांसमिशन-जनरेशन कंपनी को निर्देशित/आदेशित कर विभाग में
समायोजन कर राजकीय कोष से विभागीय वेतन दिया जाए।















