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पर्यावरण संतुलन के लिए यज्ञ जरूरी- आचार्य राजेश शास्त्री

 

भिलाई। आर्य समाज सुपेला के द्वारा पतंजलि योगशाला छावनी में साप्ताहिक हवन व प्राकृतिक चिकित्सा शुरू किया गया। सभी योग साधकों व स्थानीय निवासी के ने वेद की ऋचाओं से आहुतियाँ प्रदान की गई। महामंत्री राजाराम प्रसाद ने कहा-जैसे हम मेहमान को भोजन कराते हैं वैसे अग्निदेव को आवाहन कर आहुति प्रदान करनी चाहिए। जिससे हमारा और प्रकृति दोनों का भला हो। योग शिक्षक थनेंद्र साहू ने कहा- सैकड़ों बिमारियों से दूर रहना हैं या जिनको बिमारी हुई हैं तथा समाज कल्याण में योग व हवन जरूरी हैं।

यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य राजेश शास्त्री ने कहा- धरती माता दु:खी, आकाश पिता कुपित, समूचा सौर मण्डल रोष में, तथा लोभी मनुष्य ने क्षिति, जल, पावक, गगन और पवन के प्रदूषित किया है। कीट पतंगे और तितलियां- लगभग सब गायब हो रहे हैं, गोरैया ओझल हो गई है। वापस पाने का एक मात्र उपचार हैं “यज्ञ”।

जिससे वायु मधुमय, नदियाँ, औषधियाँ, वनस्पतियाँ, आकाश, जल, भूमण्डल, सूर्य की किरणें और तो और सारा जगत मधुर हो सकता है। महेन्द्र खरे ने कहा प्राचीन संस्कृति में बापस लौटना होगा नहीं तो आने वाला पीढ़ी हमें कोसेगी। संदीप गुप्ता और तामेश साहू युवाओं के द्वारा अतिथियों का सम्मान किया गया। शैलेष सांघवी तथा राजीव रंजन शर्मा सभी यज्ञिक सदस्यों व योग साधकों को धन्यवाद और आभार व्यक्त किया।

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