भिलाई। दुर्ग जिले के कुछ क्षेत्रों में उल्टी एवं दस्त के प्रकरण सामने आए हैं। वर्तमान में शहरी खंड चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि शहरी क्षेत्र में कुल 48 प्रकरण पाए गए हैं, जिसमें विन्दानगर में 17, जेपी नगर में 16, संतोषी पारा में 2 अन्य आंकड़ों में 5 मरीजों का इलाज घर पर चल रहा है और 5 मरीज बीमारी से रिकवर कर गए हैं। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बैकुंठ धाम, सिविल अस्पताल सुपेला भिलाई, एसएस हॉस्पिटल भिलाई, जिला चिकित्सालय दुर्ग, स्पर्श हॉस्पिटल भिलाई, अंबे हॉस्पिटल पावर हाउस और बीएम शाह हॉस्पिटल भिलाई में वर्तमान में कुल 42 मरीज भर्ती हैं।
जिला प्रशासन मुस्तैदी के साथ इसकी रोकथाम की दिशा में सकारात्मक कदम उठा रहा है। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा के मार्गदर्शन में नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर संक्रमित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर रहे हैं और इसकी रोकथाम के लिए उचित प्रबंधन नीति पर कार्य कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमित क्षेत्रों में स्क्रीनिंग करने के लिए सुपरवाईजर, मितानिन व कॉम्बैट टीम का गठन कर किया गया है।इसके अलावा क्षेत्र के आसपास के अस्पतालों को भी संक्रमण के संबंध में जानकारी उपलब्ध करा दी गई है ताकि वह बेहतर से बेहतर प्रबंधन आने वाले मरीजों को उपलब्ध करा सकें।
उल्टी-दस्त की जानकारी मिलने पर प्रभावित क्षेत्रों का महापौर, कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा एवं निगम आयुक्त रोहित व्यास ने लिया जायजा
नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर नीरज पाल, कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा एवं निगम आयुक्त रोहित व्यास ने उल्टी-दस्त से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। इस दौरान घर-घर सर्वे के निर्देश दिए गए तथा लक्षण वाले मरीजों की पहचान कर उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराने तथा मरीजों की स्थिति के मुताबिक जिन्हे चिकित्सा की आवश्यकता है, उन्हें बेहतर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराने कहा गया। वृंदा नगर कैंप क्षेत्र एवं जेपी नगर क्षेत्रों में उल्टी-दस्त के मरीज मिले हैं, जिनका अस्पतालों में अनुभवी चिकित्सकों की देखरेख में इलाज किया जा रहा है, जिसके चलते 5 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे मरीजों से मिलकर सभी से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली गई तथा बेहतर से बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए। स्पॉट पर ही प्रभावी रोकथाम के लिए निगम व स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कर रोकथाम के हर जरूरी उपाय कर रही है। उल्टी-दस्त होने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। निगम प्रशासन को सूचना मिलते ही मौके पर निगम की टीम ने प्रभावित वार्ड क्षेत्र एवं मोहल्ले का सघन निरीक्षण किया है, निगम की टीम मौके पर मौजूद है। निगम व स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर सर्वे कर रही है तथा जिंक टैबलेट और ओआरएस के पैकेट वितरित किए जा रहे है, प्रभावित घर, वार्ड व आसपास में भी सर्वे कराया जा रहा है तथा क्लोरीन टेबलेट का वितरण किया जा रहा है।
मुनादी के माध्यम से पानी उबालकर पीने, साफ पानी पीने, ताजा व गर्म भोजन ग्रहण करने प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सभी घरों में पेयजल की जांच की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों के घरों एवं आसपास के क्षेत्रों से पानी का सैंपल लेकर लैब टेस्ट करवाया जा रहा है। शुद्ध पानी सप्लाई के लिए पानी टैंकरों की व्यवस्था की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में निरीक्षण के दौरान मुकेश चंद्राकर, महापौर परिषद के सदस्य एवं स्वास्थ्य प्रभारी लक्ष्मीपति राजू, धर्मेंद्र यादव एवं स्थानीय पार्षद, निगम के अधिकारी अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी, स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा, जोन आयुक्त एवं निगम के अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।
















