रायपुर। मंगलवार को अजय यादव ने पुलिस महनिरीक्षक गुप्तवार्ता और रायपुर आईजी का पदभार ग्रहण किया। इसके पूर्व अजय यादव सरगुजा रेंज के आईजी के पद पर पदस्थ थे। ज्ञात हो कि अजय यादव 2004 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी है और ये रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर चांपा जैसे जिलों के पुलिस अधीक्षक रह चुके है।
गौरतलब है कि आईपीएस अजय यादव पहली पोस्टिंग 2007 में धरमजयगढ़ एसडीओपी के रूप में हुई। छः माह बाद इनकी पोस्टिंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन) दंतेवाड़ा में हो गई थी, नवम्बर 2007 से इनका तबादला पुलिस अधीक्षक नारायणपुर के पद पर हुआ जहाँ इन्होंने जनवरी 2009 तक अपनी सेवाएं दी। जनवरी 2009 में इनका तबादला पुलिस अधीक्षक कांकेर के पद पर हुआ, जहां इन्होंने दिसम्बर 2010 तक अपनी सेवाएं दी। दिसम्बर 2010 में इनका तबादला पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के पद पर हुआ जहाँ इन्होंने दिसम्बर 2011 तक अपनी सेवाएं दी।
जनवरी 2012 में इनका तबादला फर्स्ट बटालियन में सेनानी के पद पर हुआ, जहाँ इन्होंने मई 2013 तक अपनी सेवाएं दी। झीरम घाटी कांड के बाद मई 2013 में इन्हें पुलिस अधीक्षक बस्तर के पद पर पदस्थ किया गया जहां इन्होंने अक्टूबर 2015 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2015 में इनका प्रमोशन हुआ और उपपुलिस महानिरीक्षक बने। प्रमोशन के साथ ही इन्हें पुलिस मुख्यालय रायपुर में डीआईजी (प्रशासन) के पद पर पदस्थ किया गया जहाँ इन्होंने मई 2016 तक अपनी सेवाएं दी। मई 2016 में इनका तबादला पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा के पद पर हुआ जहां इन्होंने दिसम्बर 2017 तक अपनी सेवाएं दी।
जनवरी 2018 में इनका तबादला पुलिस मुख्यालय में डीआईजी (सुरक्षा) के पद पर हुआ जहां इन्होंने अक्टूबर 2019 तक अपनी सेवाएं दी इसके बाद इनका तबादला नवम्बर 2019 में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के लिए हुआ जहाँ इन्होंने छः माह तक अपनी सेवाएं दी। जून 2020 में सरकार ने इन्हे राजधानी रायपुर के एसएसपी की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी और इन्होंने उम्मीद से बेहतर कार्य करते हुए राजधानी के कई अनसुलझे अपराधो को सुलझाए। राजधानी में घटित अपराधो के लगभग सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की। इसके बाद इन्हे सरगुजा रेंज के प्रभारी आईजी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, अब राज्य सरकार ने इन्हे दोहरी जिम्मेदारी देते हुए पुलिस महनिरीक्षक गुप्तवार्त और रायपुर आईजी की कमान सौंपी है।















