रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि समाज के हर वर्ग के लिए योजनाएं बनाई है। किसानों वनांचल मे रहने वाले आदिवासी भाइयों, किसान, भूमिहीन मजदूरों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। बेलगाँव भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोगों ने पैरा (पराली) न जलाने की अपील की। उन्होंने किसानों से उपयोग से अधिक पैरा को गौठानों में दान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस पैरे का इस्तेमाल गौठानों में मवेशियों को चारा खिलाने के लिए किया जा सकता है। जाति प्रमाणपत्र बनवाने में आ रही दिक़्क़त पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कि नए प्रावधानों में 50 साल के निवासी का रिकॉर्ड होने की बात बताई। 50 साल का रिकॉर्ड न होने पर ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पत्र बनवाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने जाति प्रमाणपत्र को लेकर हिन्दी और अंग्रेजी में लिखे जाने की महारा/महार, गोंड/गोड़ जैसी तकनीकी दिक्कत पर कहा कि अंग्रेजी के अनुसार लिखने पर समस्या का समाधान हो सकता है।
स्थानीय मीडिया की खबर पर मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, कलेक्टर को दिए हर सम्भव मदद निर्देश: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर तेरह महीने के हर्ष डेहरे को अब साईंस कालेज के पास के शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के शिशु वार्ड में भर्ती करा दिया है। इसके साथ ही जब जब उसकी कीमोथेरेपी होगी, एम्स अस्पताल तक आने-जाने के लिए उसे वाहन की सुविधा भी दी जाएगी। स्थानीय मीडिया में हर्ष की बीमारी और उसके माता-पिता द्वारा एम्स अस्पताल के बाहर ही चाय का ठेला लगाकर उसे रखने की खबर पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भुरे को परिवार की हर सम्भव मदद करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कल ही कलेक्टर ने सीएमएचओ डॉ मिथलेश चौधरी और नगर निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी को वहाँ भेजा। दोनो अधिकारियों ने हर्ष के पिता श्री बालकराम डेहरे से पूरे मामले की जानकारी ली और कलेक्टर डॉ भुरे को अवगत कराया था। जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने तत्काल हर्ष और उसके माता-पिता को हर सम्भव मदद देने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे।
कवर्धा के रहने वाले बालकराम डेहरे का तेरह महीने का बेटा हर्ष ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित था। रायपुर के एम्स अस्पताल में उसका सफल आपरेशन हुआ है और अब उसकी कीमोथेरेपी चल रही है।आर्थिक तंगी के चलते हर्ष के माता पिता अस्पताल के पास ही चाय का ठेला लगाकर अपना भरण पोषण कर रहे है और वही हर्ष को रख कर समय समय पर उसका इलाज भी करा रहे थे। इस बारे में स्थानीय मीडिया में खबर प्रसारित होने पर खुद मुख्यमंत्री श्री बघेल ने संज्ञान लिया और कलेक्टर डॉ भुरे को हर्ष और उसके माता पिता की मदद के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर आज सुबह हर्ष को शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के शिशु वार्ड में भर्ती करा दिया गया। इसके साथ ही जब जब उसकी कीमोथेरेपी एम्स में होगी तब तब उसे आने जाने के लिए ज़िला प्रशासन गाड़ी की सुविधा भी उपलब्ध कराएगा। ज़िला प्रशासन ने हर्ष की दवाइयों और अन्य ज़रूरतों के लिए उसके माता पिता को आर्थिक मदद भी दी है।















