दोती जिले में हादसा घर गिरने के बाद हुआ, जिसमें तीन लोगों ने जान गंवा दी, खास बात है कि बुधवार को 24 घंटों के अंतराल में नेपाल दो बार हिला। मंगलवार सुबह भी देश में भूकंप आया था…
नईदिल्ली (ए)। दिल्ली-एनसीआर में आधी रात को भीषण भूकंप देखने को मिला। कई लोगों को अपनी चारपाई अथवा बेड हिलते महसूस हुए तो वे उठ बैठे। यह भूकंप 10 सेकेंड लंबा था और जोरदार झटके अनुभव किए गए। रात को 1:57 बजे यह आया था। इस भूकंप के झटके उत्तर प्रदेश में भी तीव्रता से महसूस किए गए हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी लोगों को नींद में ही झटके महसूस हुए तो उठकर बैठ गए। नेशनल सेंटर फॉर सेसमोलॉजी के मुताबिक भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 आंकी गई है, जिसका केंद्र नेपाल में धरती से करीब 10 किलोमीटर नीचे थे। इस भूकंप का असर चीन तक दिखा है।
दिल्ली-एनसीआर और यूपी के अलावा हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। इस भूकंप की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि लोग डर गए। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने घरों में पंखों और अन्य चीजों के तेजी से हिलने का वीडियो ट्वीट किया है। उत्तर भारत के कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं और लोग घरों से बाहर निकल आए। यही नहीं मणिपुर समेत पूर्वोत्तर भारत के भी कई राज्यों में भूकंप आया।
भूकंप के तुरंत बाद लोग जाग उठे और कई लोग तो ट्विटर पर पूछते दिखे कि क्या आपको भी भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। बीते कई सालों में यह पहला मौका है, जब दिल्ली एनसीआर समेत बड़े इलाकों में भूकंप इतनी तीव्रता से महसूस किया गया है। फिलहाल किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है।
Big Breking
Earthquake tremors felt in East Up just now#earthquake pic.twitter.com/4kNok8JtBa
— H Sultan (@h__sultan__) November 8, 2022
भूकंप आने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं भूकंप आने पर अकसर ही हम घर से बाहर भागने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसा तुरंत संभव नहीं हो पाता। ऐसे में भूकंप आने के बाद अगर आप घर में हैं तो कोशिश करें कि फर्श पर बैठ जाएं। पास में टेबल या फर्नीचर है तो उसके नीचे बैठकर हाथ से सिर को ढक लेना चाहिए। इस दौरान घर के अंदर ही रहें और बाहर न निकलें। बिजली के सभी स्विच को बंद कर देना चाहिए। आप घर से बाहर है तो कोशिश करें कि ऊंची इमारतों और बिजली के खंभों से दूर रहें। भूकंप के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल भी करने से बचें।
Earthquake of Magnitude:6.3, Occurred on 09-11-2022, 01:57:24 IST, Lat: 29.24 & Long: 81.06, Depth: 10 Km ,Location: Nepal, for more information download the BhooKamp App https://t.co/Fu4UaD2vIS @Indiametdept @ndmaindia @Dr_Mishra1966 @moesgoi @OfficeOfDrJS @PMOIndia @DDNational pic.twitter.com/n2ORPZEzbP
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) November 8, 2022
पड़ोसी देश नेपाल में आए भूकंप में तीन लोगों की मौत हो गई है। रिक्टर स्केल पर बुधवार को आए भूकंप की तीव्रता 6.3 मापी गई। खास बात है कि इसके चलते झटके भारत में राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने जानकारी दी कि भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में नेपाल से लगी सीमा पर था।
मीडिया रिपोर्ट्स में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि दोती जिले में हादसा घर गिरने के बाद हुआ, जिसमें तीन लोगों ने जान गंवा दी। खास बात है कि बुधवार को 24 घंटों के अंतराल में नेपाल दो बार हिला। मंगलवार सुबह भी देश में भूकंप आया था, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.5 मापी गई थी।
भारत में कहां-कहां असर: भाषा के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में बुधवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक 6.3 की तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र नेपाल में था। राजधानी के कई इलाकों में रात लगभग 1.57 बजे लोग इन भूकंप के झटकों से अचानक जगे। दिल्ली के अलावा उत्तराखंड, हिमाचल और उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर इस भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।
नेपाल में भूकंप का इतिहास: इससे पहले 19 अक्टूबर को काठमांडू में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। 31 जुलाई को भी काठमांडू में ही 6.0 तीव्रता से धरती हिली। साल 2015 में आए 7.8 तीव्रता के भूकंप ने काठमांडू और पोखरा में जबरदस्त तबाही मचाई थी। उस दौरान अनुमानित 8 हजार 964 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 22 हजार लोग घायल हो गए थे। देश में सबसे भीषण भूकंप साल 1934 में आया था। 8.0 की तीव्रता ने काठमांडू, भक्तापुर और पाटन शहरों को तबाह कर दिया था।















