भिलाई। हम बहुत खुशनसीब हैं कि हम सभी भारत देश के निवासी हैं। जिस देश में धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम हमेशा होता हो, जहां मानव मानव एक समान का नारा लगता हो , हिंदू मुस्लिम सिक्ख ईसाई आपस में सब भाई भाई का नारा गूंजता हो फिर उसी देश में धर्मवाद, जातिवाद ,पूजीवाद, क्षेत्रवाद चरम सीमा पर हो तो फिर बिहार प्रदेश के ऊपर ध्यान जाता है। जहां से पूरे दुनिया को शांति का संदेश देने वाले महात्मा गौतम बुध, जैन समाज के गुरु महावीर जी, गुरु गोविंद सिंह जी सभी बिहार से है, उन्होंने अपने-अपने ढंग से दुनिया को शांति का संदेश दिए, आखिर अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय मंच से हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा भारत ने दुनिया को बुद्ध दिया। बुद्ध का मतलब शांति का प्रतीक है। जो बिहार से चलकर पूरी दुनिया में शांति का संदेश दे रहा है एक और संदेश आस्था का महापर्व छठ देता है जो बिहार की भूमि से चलकर पूरी दुनिया में संदेश दे रहा है। छठ महापर्व राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।
एक ऐसा त्योहार जो चार दिन चलता है लेकिन इसमें कोई दंगा नहीं होता, इंटरनेट कनेक्शन नहीं काटा जाता, किसी शांति समिति की बैठक कराने की ज़रूरत नहीं पड़ती। चंदे के नाम पर गुंडा गर्दी नहीं होती और ज़बरन उगाही भी नहीं होती। शराब की दुकानें बंद रखने का नोटिस नहीं चिपकाना पड़ता। मिठाई के नाम पर मिलावट नहीं परोसी जाती है। ऊंच – नीच का भेद नहीं होता, व्यक्ति/धर्म विशेष के जयकारे नहीं लगते, किसी से अनुदान और अनुकम्पा की अपेक्षा नहीं रहती है, राजा-रंक एक कतार में खड़े होते है, समझ से परे रहने वाले मंत्रों का उच्चारण भी नहीं होता और पंडितों को दान दक्षिणा का भी इसमें रिवाज़ नहीं है।
तालाबों की सफाई हो जाती है जहां अमीर गरीब एक साथ पूजा करते है जहां जाति और धर्म नही दिखता है जहां डूबते सूरज की पहले पूजा की जाती है उसके बाद हम उगते सूर्य की कामना करते है यही कारण है कि छत्तीसगढ़ के लाडले मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी छठ पर्व पर शासकीय अवकाश देकर पूरी दुनिया में संदेश देने का काम किए यह पर्व एकता का प्रतीक के रूप में माना जाता है अगर हम इसके बारे में स्वच्छ मानसिकता बनाएं तो भारत में धार्मिक उन्माद क्षेत्रवाद पूंजीवाद धर्म वाद को खत्म किया जा सकता है।
हम सभी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच को नमन करते हैं हमारे भिलाई के तालाबों के आसपास के रहवासी चाहे वह छत्तीसगढ़ से हो या अन्य प्रदेश के सभी लोगों का भरपूर सहयोग मिलता रहा है मैं छठ पर्व पर हमारे प्रशासनिक अधिकारी ,जनप्रतिनिधि, पुलिस प्रशासन, पत्रकार बंधु, नगर निगम, बिजली विभाग को हम सभी भोजपुरी परिषद के पदाधिकारी व सदस्य धन्यवाद देते है आपका सहयोग बिना शांति से त्योहार मनाना असंभव है।
प्रकृत से जुड़ा हुआ त्यौहार जो दुनिया का इकलौता पर्व है। जो सभी वर्ग को एक तालाब के साथ जोड़ देता है। ऐसे ही हम अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए छत्तीसगढ़ के विकास में अपना योगदान देते रहें हम सभी छठ माता से प्रांथना करते है की हमारा छत्तीसगढ़ प्रदेश हमेशा विकाश के गति में नंबर वन पर रहे। आइए हम सभी लोग मिलकर छठ महापर्व के संदेश को जन जन तक पहुंचाए एवं वास्तविक मनन करें ताकि पूरे भारत को एक सूत्र में पिरो सके। उक्त जानकारी छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद के प्रांताध्यक्ष प्रभुनाथ बैठा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।















