दीपावली के ठीक दूसरे दिन यानी 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण लग रहा है। इसके कारण विभिन्न मंदिरों में होने वाले अन्नकूट महोत्सव को एक दिन टाल दिया गया है। इस खगोलीय घटना के दौरान शास्त्रत्त्ीय मान्यता को ध्यान में रखते हुए ग्रहण काल में मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। कई मंदिरों में प्रवेश ग्रहणकाल में नहीं मिलेगा। 25 अक्तूबर को अपराह्न 330 से 26 अक्तूबर को सूर्योदय (0602 बजे) तक सभी देवकक्ष के पट बंद रहेंगे। सप्तर्षि, शृंगार भोग और शयन आरती 25 अक्तूबर को नहीं होगी।
दीपावली के अगले ही दिन 25 अक्तूबर मंगलवार को आंशिक सूर्य ग्रहण है। इसे देश के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। दिवाली के दूसरे दिन ग्रहण होने से इस बार महापर्व के दौरान सूर्यग्रहण का साया रहेगा। दिवाली के अगले दिन ग्रहण होने से गोवर्धन पूजा दिवाली के तीसरे दिन मनाई जाएगी।
यह स्थिति 27 वर्ष पूर्व भी हुई थी। इससे पूर्व 1995 में दिवाली के दिन सूर्य ग्रहण पड़ा था। दिवाली पूजन पर इसका कोई असर नहीं होगा। सूर्य ग्रहण के कारण लक्ष्मी पूजन पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही 8 नवंबर 2022 को देव दीपावली के दिन साल के अंतिम चंद्र ग्रहण का प्रभाव भी देखने को मिलेगा।
दो प्रमुख त्योहार के बीच पड़ने के साथ बुध, गुरु, शुक्र और शनि सभी अपनी-अपनी राशि में मौजूद रहेंगे। साल का यह आखिरी आंशिक सूर्यग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में सूर्यग्रहण दिखाई देने से इसका सूतक काल मान्य होगा। जिसके कारण ग्रहण से संबंधित धार्मिक मान्यताएं का पालन किया जाएगा।
सूर्यग्रहण का सूतक काल-
सूर्य ग्रहण की तिथि 25 अक्टूबर 2022
सूर्य ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार) 16:36 से 17:32 तक
सूतक प्रारम्भ 03:03 प्रातकाल
सूतक समाप्त 17:32 सूर्यास्त के साथ।
सूर्यग्रहण की अवधि
● स्पर्श शाम 04:42 बजे
● मध्यकाल शाम 05:02 बजे
● मोक्षकाल शाम 05:22 बजे
● सूर्यग्रहण की सम्पूर्ण अवधि 7 घंटा 5 मिनट है किन्तु काशी में सम्पूर्ण सूर्यग्रहण 40 मिनट का है।
साभार: हिंदुस्तान
















