पृथ्वी को ऐस्टराइड से बचाने का स्पेस एजेंसी ने सफलतापूर्ण टेस्ट किया है. इसके तहत अपने डार्ट मिशन को अंजाम दिया.l, एस्टेरॉयड की दिशा और रफ्तार बदलने वाला नासा का एक्सपेरिमेंट कामयाब रहा…
नईदिल्ली (ए)। आज का दिन पूरी धरती के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है. अब से कुछ देर पहले 4 बजकर 45 मिनट पर नासा (NASA) ने एक बड़ा कीर्तिमान रचा है. पृथ्वी को ऐस्टराइड से बचाने का स्पेस एजेंसी ने सफलतापूर्ण टेस्ट किया है. इसके तहत अपने डार्ट मिशन को अंजाम दिया. एस्टेरॉयड की दिशा और रफ्तार बदलने वाला नासा का एक्सपेरिमेंट कामयाब रहा. हालांकि फाइनल रिपोर्ट आनी बाकी है।
नासा को यकीन है कि एस्टेरॉयड नाम के महाविनाश से महाटक्कर सफल रही. यानी नासा का मिशन डार्ट कामयाब हो गया है. फुटबॉल स्टेडियम के बराबर डिमॉरफोस से स्पेसक्राफ्ट के टकराते ही प्रोजेक्ट DART से जुड़ी नासा की टीम खुशी के मारे उछल पड़ी. यह ऐसा पल था जब वैज्ञानिकों ने जश्न मनाया. साइंटिस्ट दिल थामकर अंतरिक्ष के इस ऐतिहासिक लम्हें का गवाह बन रहे थे, टक्कर होते ही वो तालियां पीटने लगे।
दरअसल, नासा प्रोजेक्ट डार्ट के जरिए ये देखना चाहता था कि क्या एस्टेरॉइड पर स्पेसक्राफ्ट की टक्कर का कोई इम्पैक्ट पड़ता है या नहीं ? क्या स्पेस क्राफ्ट की टक्कर से एस्टेरॉइड की दिशा और रफ्तार पर असर पड़ता है कि नहीं ? इन सवालों का विस्तार से जवाब डिटेल रिपोर्ट आने के बाद ही मिलेगा।
IMPACT SUCCESS! Watch from #DARTMIssion’s DRACO Camera, as the vending machine-sized spacecraft successfully collides with asteroid Dimorphos, which is the size of a football stadium and poses no threat to Earth. pic.twitter.com/7bXipPkjWD
— NASA (@NASA) September 26, 2022
लेकिन नासा के वैज्ञानिकों को यकीन है कि स्पेस क्राफ्ट की टक्कर से डिमॉरफोस पर असर जरूर पड़ा है. इम्पैक्ट सक्सेस का भी यही मतलब है, लेकिन इम्पैक्ट कितना पड़ा है इस पर बहुत जल्द नासा की रिपोर्ट सामने आ जाएगी।















