भिलाई-चरोदा। नगर निगम सीमा अंतर्गत जिन भवन स्वामियों ने बिना अनुमति के भवन, मकान, व्यवसायिक दुकान आदि का निर्माण किया है उनके लिए खुशखबरी है। अब ऐसे सभी अनाधिकृत विकास का नियमितीकरण किया जाएगा। शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप में नगर निगम में आवेदन करना होगा। छ.ग. शासन द्वारा छग अनाधिकृत विकास का नियमितिकरण संशोधन अधिनियम 2022 के अंतर्गत नगर निगम सीमा में बिना अनुमति या फिर अनुमति के विपरीत जा कर भवन, मकान, व्यवसायिक दुकान भवन, गोदाम आदि का निर्माण किया गया हो तो ऐसे सभी भवन, मकान, व्यवसायिक दुकान, गोदाम का अब अनाधिकृत विकास का नियमितीकरण किया जाएगा।
जिसके लिए शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप में भवन स्वामियों
को नगर निगम में आवेदन करना होगा। नगर निगम द्वारा दिए गए आवेदनों का संकलन एवं भौतिक सत्यापन और परीक्षण किया जाएगा। जिसके बाद नगर निगम द्वारा समस्त प्रक्रिया पूरी कर, जिला नियमितिकरण प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। बता दें कि धारा 4 के तहत राज्य शासन द्वारा प्रत्येक जिले के लिए जिला नियमितिकरण समिति अर्थात प्राधिकारी का गठन किया गया है। उक्त समिति के अध्यक्ष जिले के कलेक्टर एवं समिति के सदस्य के रूप में जिला पुलिस अधीक्षक, स्थानीय निकाय तथा संबधित विकास प्राधिकरण का सक्षम अधिकारी एवं नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय का प्रभारी अधिकारी, सयुंक्त संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक को सदस्य सचिव के रूप में नामाकिंत किया गया है।
इस प्रकार धारा 6 के तहत प्रारूप एक में आवेदन प्राप्त होने पर जिले के किसी भी निवेश क्षेत्र के अनाधिकृत विकास से संबंधित किसी अभिलेख या सूचना की शक्ति तथा उक्त अभिलेख या सूचनाओं के आधार पर अधिनियम की धारा 7 के अनुसार या तो आवेदन को निरस्त करेगा या नियमितिकरण का निर्णय ले सकते है। नियमतिकरण का निर्णय लेने की स्थिति में आवेदक से पेनाल्टी सहित शुल्क अधिरोपित किया जाएगा।
योजना से संबधित आवेदन की प्रक्रिया एवं जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में नगर निगम भिलाई चरोदा से प्राप्त की जा सकती है।
आवेदन के साथ भूमि स्वामित्व दस्तावेज, अद्यतन बी.1, पी.2 खसरा बटांकन की प्रति संलग्न करना होगा। ऐसे ही शासन, स्थानीय प्राधिकारी या संवैधानिक निकाय द्वारा आंबटित पट्टा विलेख की स्वप्रमाणित प्रति, भवन का निर्माण अधिसूचित तिथि के पूर्व होने का प्रमाण यथा बिजली बिल, संपत्ति कर की
प्रति, भूमि का विवरण, मोहल्ला नगर निवेश योजना सर्वे क्रमांक, प्लॉट नंबर, खसरा नंबर, रकबा, भवन अनुज्ञा की प्रति, भवन का वर्तमान उपयोग, विकास योजना अंगीकृत वर्तमान
भूमि उपयोग मानचित्र अनुसार उपयोग प्रमाण पत्र, गैर लाभ अर्जन संस्थाए, धर्मशालए अन्य की स्थिति में गैर लाभ अर्जन संबधी सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र, पंहुच मार्ग की चौड़ाई,
वर्तमान पार्किंग की गणना रिपोर्ट, भवन का फोटोग्राफ, चारो ओर बहुमंजिला भवन हेतु मृदा परीक्षण, स्ट्रक्चर रिपोर्ट, अग्निशमन व्यवस्था की रिपोर्ट, भवन का स्थल मानचित्र, शपथ
पत्र सहित भूमि स्वामित्व दस्तावेज के साथ संलग्न कर देना होगा। उक्त जानकारी निगम जनसंपर्क विभाग से विकास त्रिपाठी द्वारा प्रदान की गयी।















