रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मध्यक्षेत्र अंतर्राज्यीय परिषद के अध्यक्ष एवं केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर धान की फसल के अवशेष से राज्य में एथेनॉल उत्पादन के लिए तेल विपणन कंपनियों के माध्यम से एक वाणिज्यिक एवं एक प्रदर्शन परियोजना की स्वीकृति प्रदान करते हुए राज्य में 2जी एथेनॉल रिफाइनरी की स्थापना की कार्यवाही हेतु निर्देशित करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पत्र में मध्यक्षेत्र अंतरराज्यीय परिषद की दिनांक 22 अगस्त 2022 को आयोजित बैठक का उल्लेख करते हुए कहा है कि मेरे द्वारा राज्य में, प्रधानमंत्री ‘जी-1‘ योजना (जैव ईंधन-वातावरण अवशेष निवारण) के अंतर्गत फसल अवशेषों के निवारण के लिए लिग्नों सेल्यूलॉजिक बायोमॉस आधारित बायो एथेनॉल उत्पादन हेतु नासिरेजलर (2जी) के संबंध में भारत सरकार की तेल विपणन कम्पनी द्वारा रिफाइनरी स्थापित किए जाने का अनुरोध किया गया था। छत्तीसगढ़ राज्य में कृषि फसलों विशेषकर, धान का अनुमानित वार्षिक उत्पादन 137 लाख मि.टन (खरीफ विपणन वर्ष 2022-23) है। इससे प्राप्त होने वाले बायोमॉस के निष्पादन के लिए (2जी) लिग्नों सेल्यूलॉजिक बायोमॉस आधारित रिफाइनरी के लिए राज्य में समस्त अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्र में आगे लिखा है कि राज्य सरकार के नगरीय निकाय और गौठान समितियों के द्वारा बैकवार्ड लिंकेज के माध्यम से लिग्नों सेल्यूलॉजिक बायोमॉस उपलब्ध कराने के लिए BaStrategic Partenership किया जा सकता है। इसके माध्यम से योजना के उद्दश्यों की पूर्ति के लिये निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार कृषि अवशेषों को जलाने से उत्पन्न पर्यावरण प्रदूषण एवं नगरीय क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में कमी की जा सकेगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गृहमंत्री अमित शाह से धान की फसल के अवशेष से राज्य में एथेनॉल उत्पादन के लिए तेल विपणन कंपनियों के माध्यम से एक वाणिज्यिक एवं एक प्रदर्शन परियोजना की स्वीकृति प्रदान करते हुए राज्य में 2जी एथेनॉल रिफाइनरी की स्थापना की कार्यवाही हेतु निर्देशित करने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना की स्वीकृति में आंशिक संशोधन करते हुए, ऑप्शन-1 के अनुसार क्रियान्वयन की स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह देश और प्रदेश दोनोें के हित में होगा। मुख्यमंत्री ने रेल मंत्रालय के 28 जून 2021 के पत्र का उल्लेख करते हुए कहा है कि मेेरे द्वारा 23 मार्च 2022 के माध्यम से परीक्षण/सर्वे रिपोर्ट में वर्णित ऑप्शन-1 के क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार की सहमति प्रदान करते हुए, संशोधित एलाइमेंट अनुसार परियोजना स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया गया था। किन्तु, इस विषय में भारत सरकार की ओर से सकारात्मक कार्यवाही किए जाने का संदेश/पत्राचार राज्य सरकार को अब तक प्राप्त नहीं हुआ है।
केन्द्रीय रेल मंत्री को मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पत्र में आगे लिखा है कि आपके ध्यान में इस तथ्य को भी लाना चाहूंगा कि वर्ष 2015 में दक्षिण-पूर्ण मध्य रेलवे के द्वारा कराए गए सर्वे का एलाइमेंट भी ऑप्शन-1 के ही अनुरूप रहा है। यहां यह लेख करना प्रासंगिक है कि, चूंकि उपरोक्त परियोजना पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) अंतर्गत क्रियान्वित की जानी है, अतएव परियोजना की व्यवहारिकता समग्रता पर आधारित होना अपेक्षित है। यह भी कि फिजिबिलिटी रिपोर्ट अनुसार एलाइमेंट में उपरोक्त संशोधन उपरांत लागत पर भी परियोजना व्यवहारिक पायी गई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की ओर से पुनः केन्द्रीय रेल मंत्री से अनुरोध किया है कि कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना की स्वीकृति में आंशिक संशोधन करते हुए, ऑप्शन-1 के अनुसार क्रियान्वयन की स्वीकृति प्रदान की जाए।















