दुर्ग। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने कलेक्टोरेट परिसर के सभाकक्ष में सप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से कहा कि गिरदावरी के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। राज्य शासन की योजना के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए गिरदावरी सबसे महत्वपूर्ण है,शतप्रतिशत गिरदावरी करने के निर्देश दिए एवं इसके सही डांटा को ऑनलाइन एंट्री करने के लिए भी कहा। उन्होंने बैठक में जिले में पदस्थ 185 पटवारियों की विषयवार मासिक समीक्षा के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने धान खरीदी के लिए नए किसानों का पंजीयन, सत्यापन, बारदानों की स्थिति सुनिश्चित करने के लिए भी संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जन चौपाल में आए आवेदनों का प्राथमिकता से निराकरण करने निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी विभाग के अधिकारियों स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि जन चौपाल में आए समस्याओं के आवेदनों और लंबित प्रकरणों का तुरंत निराकरण किया जाए। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन के माध्यम से विशेष अभियान चलाकर पंचायत में शिविर लगाने की बात भी कही। टीएल समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने समय-समय पर सभी विभागों का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा इस बात की जानकारी उपस्थित अधिकारियों को दी। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में किसी प्रकार की कमी होने पर वस्तु स्थिति अनुरूप कार्यवाही करने की बात भी कही।
छत्तीसगढ़ राज्य को कृषि प्रधान राज्य के रूप में जाना जाता है, राज्य सरकार यहां जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एनजीजीबी जैसी महत्वपूर्ण योजना भी चला रही है, इसलिए कलेक्टर ने जैविक उत्पादनों के संबंध में भी उपस्थित अधिकारियों से विशेष ध्यान देने के लिए कहा। कलेक्टर ने गौठानों में और बड़े स्तर वर्मी कंपोस्ट खाद निर्मित करने के निर्देश दिए हैं ताकि जिले में बड़ी मात्रा में जैविक उत्पादन हो सके। जिला रोजगार अधिकारी को सृजन योजना के अंतर्गत प्लेसमेंट भर्ती, जिला चिकित्सा अधिकारी से कोविड से संबंधित तथा सी-मार्ट के बारे में कलेक्टर ने समीक्षा की।
गैर आवासीय निवास का भी होगा नियमितिकरण: कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा की अध्यक्षता मे नगर तथा ग्राम निवेश की कार्यशाला संपन्न हुई। कार्याशाला मे छत्तीसगढ़ अनाधिकृत विकास का नियमतिकरण संशोधन कर अधिनियम 2022 अधिनियमित किया। आवासीय एवं गैर आवासीय व भू-उपयोग परिवर्तन कर निर्धारित कर लगाकर नियमितिकरण किया जायेगा। निवेश क्षेत्र सीमा के अंतर्गत ऐसे ग्राम या विषेश क्षेत्र विकास प्राधिकरण जो नगरीय निकाय सीमा के बाहर आते है उनका आवेदन नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के क्षेत्रीय कार्याेलयों मे किाया जायेगा। इसका भौतिक सत्यापन व परीक्षण की जिम्मेदारी नगर तथा ग्राम निवेश के अधिकारी की होगी। भौतिक सत्यापन के पश्चात नियमितिकरण प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। अनाधिकृत आवासीय भावनों मे शास्ति अधिरोपण के लिए भूखण्ड 120 वर्गमीटर क्षेत्र फल से अधिक क्षेत्रफल के भूखण्ड पर शास्ति निर्धारित होगी।
निर्धारित प्रयोजन से भिन्न भूमि उपयोग परिवर्तन करने पर उस क्षेत्र के लिए वर्तमान मे प्रचलित कलेक्टर गाईड लाईन दर का 5 प्रतिशत अतिरिक्त शस्ति देय होगा। यदि अनाधिकृत विकास निर्धारित पार्किंग के लिए आरक्षित भूखण्ड व स्थल पर किया गया हो तो नियमितिकरण की अनुमति तभी दी जायेगी आवेदक के द्वारा पार्किंग की कमी के निर्धारित शास्ति राशि का भुगतान किया जायेगा। गैर लाभ अर्जन करने वाली समाजिक संस्थाए जो लाभ अर्जन के उद्देश्य से स्थापित न करके अनाधिकृत विकास के प्रत्येक प्रकरण मे शास्ति, प्राक्कलित राशि के पचास प्रतिशत के दर से देय होगा।















