भिलाई। शुक्रवार की सुबह हिदुस्तान कॉपर लिमिटेड के रिटायर्ड सीएमडी संतोष कुमार शर्मा के तीन जगहों पर सीबीआई की टीम ने दबिश दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला गोल्डमाइन से जुड़ा होना बताया जा रहा है। शुक्रवार को भिलाई में सेक्टर 2, ताल पुरी और मैत्रीकुंज में संतोष कुमार शर्मा के ठिकानों पर सीबीआई ने छापा मारा। इस छापे से जुड़ी हुई जानकारी को सीबीआई केअधिकारियो द्वारा बहुत ही गोपनीय रखा गया।
सीबीआई की टीम के लगभग दर्जन से अधिक अधिकारियों के द्वारा द्वारा भिलाई के सेक्टर 2 तालपुरी, मैत्री कुंज स्थित संतोष शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। इस रेड के संबंध में कुछ भी बताने से सीबीआई के अफसरों ने इंकार कर दिया।
जानकारी के मुताबिक संतोष शर्मा भिलाई इस्पात संयंत्र में उप महाप्रबंधक डीजीएम (इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग) के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2013 में उनके द्वारा अपने पद से इस्तीफा दे दिया गया था और इसके बाद उनके द्वारा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड कंपनी ज्वाइन कर ली थी। एचसीएल में सीएमडी के पद पर रहते हुए 2 वर्ष पूर्व ही रिटायर्ड हुए थे।
जानकारी के अनुसार 02 साल पहले संतोष कुमार शर्मा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के कोलकाता मुख्यालय से सीएमडी के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके सेवानिवृत्ति से दो साल पहले हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड ने लगभग 200 करोड़ रूपए की लागत से मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के मलाजखंड में कॉपर के रॉ मटेरियल से सोना निकालने का एक संयंत्र निर्माण करने की योजना बनाई। इसके लिए एक कंपनी को ठेका दिया गया।
इस ठेका में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के सीएमडी के नाते संतोष कुमार शर्मा की भूमिका को अहम माना गया। लेकिन जिस कंपनी को मलाजखंड में संयंत्र स्थापित करने का काम मिला था उसे काम शुरू होने से पहले ही 100 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया। इस भुगतान को लेने के बाद ठेका कंपनी काम छोड़कर गायब हो गई।
मामले की प्रारंभिक जांच हुई तो संतोष कुमार शर्मा और एक एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर दोषी पाए गए। बाद में मामला सीबीआई के हवाले किया गया। आज संतोष कुमार शर्मा के ठिकानों पर सीबीआई की चल रही कार्रवाई को इसी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।















