कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे पांच पृष्ठ के त्यागपत्र में गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वह ‘भारी मन’ से यह कदम उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से पहले ‘कांग्रेस जोड़ो यात्रा’ निकाली जानी चाहिए थी…
नईदिल्ली (ए)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार को अचानक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. मामले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आयी है. पार्टी की ओर से कहा गया है कि यह अत्यंत दुख की बात है कि जब कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी और ध्रुवीकरण के खिलाफ लड़ रही है तो उस समय यह इस्तीफा हुआ।
गुलाम नबी आजाद ने पत्र में और क्या लिखा
-गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस में सभी पदों से इस्तीफा दिया और कहा कि वह बहुत भारी मन से ऐसा कर रहे हैं।
-एआईसीसी को संचालित कर रहे कुछ लोगों द्वारा नियंत्रित कांग्रेस ने इच्छाशक्ति और क्षमता खो दी है।
-नेतृत्व को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू करने से पहले ‘कांग्रेस जोड़ो यात्रा’ करनी चाहिए थी।
-संगठन में किसी भी स्तर पर कहीं भी चुनाव नहीं हुए।
-एआईसीसी के चुने हुए पदाधिकारियों को एआईसीसी का संचालन करने वाले छोटे समूह द्वारा तैयार की गई सूचियों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया।
-पार्टी के साथ बड़े पैमाने पर धोखे के लिए नेतृत्व पूरी तरह से जिम्मेदार।
गुलाम नबी आजाद का इस्तीफा कांग्रेस के लिए बड़ा झटका
नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के नेता उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कांग्रेस से गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे को पार्टी के लिए एक बड़ा झटका करार देते हुए कहा एक इतनी पुरानी पार्टी का पतन देखना ‘‘दुखद” और ‘‘खौफनाक” है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘लंबे समय से ऐसी अटकलें थीं….. कांग्रेस के लिए यह एक बड़ा झटका है. शायद हाल के दिनों में पार्टी छोड़ने वाले वह सबसे वरिष्ठ नेता हैं, उनका इस्तीफा बेहद दुखद है.” उमर ने कहा, ‘‘ इतनी पुरानी पार्टी का पतन होते देखना दुखद और खौफनाक है।”
ज्ञात हो कि आजाद पार्टी के ‘जी23′ समूह के प्रमुख सदस्य रहे हैं. हाल ही में उन्होंने जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चुनाव अभियान समिति के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया था।















