BREAKING

छत्तीसगढ़फीचर्ड

मजदूर के बेटे के पास कॉलेज की फीस भरने के लिए नही थे पैसे, सामाजिक संस्था वयं फाउंडेशन ने जमा कराया फीस

 

रायपुर। शिक्षादान महादान है और शिक्षा के लिए की गई आर्थिक मदद भी कुछ कम नहीं। कुशाग्र बुद्धि बालक हर्मेन्द्र के पिता उसे पढ़ाना चाहते थे लेकिन उनके पास कॉलेज की फीस भरने के लिए पैसे नहीं थे। उन्होंने विचार किया कि वे कर्ज़ ले लेंगे लेकिन अपने बेटे की मनोविज्ञान में मास्टर्स करने की इच्छा जरूर पूरी करेंगे। यह बात सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई की प्रोफेसर सुमिता सिंह को पता चली तो उन्होंने इस मज़दूर पिता की आर्थिक मदद करने का विचार करते हुए वयं फाउंडेशन अध्यक्ष आभा बघेल से संपर्क किया।

फीस जमा करने में दो दिन बाकी थे। आभा बघेल की अपील पर दानदाता सामने आए जिनमें पुलिस अधिकारी, गृहिणी, युवा मुख्य रूप से रहे और 15,000 रु की सहायता राशि तत्काल जमा हो गई। सेमेस्टर 01 की बाकी फीस जनवरी तक भर दी जाएगी। संस्था सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करती है।

संस्था अध्यक्ष आभा बघेल ने बताया कि उनकी संस्था में सदस्यों की संख्या सीमित है पर सभी सदस्य जागरूक व सक्रिय हैं। जब भी कोई कार्य होता है वह आपसी सहयोग से पूर्ण हो जाता है। पहली बार उन्होंने जान सहयोग लिया है और यह देखकर बेहद खुशी भी हुई कि लोग बढ़-चढ़कर मदद करने सामने आए हैं।

उन्होंने बताया कि संस्था निःशुल्क शिक्षा, कैरियर गाइडेंस, महिला व बाल अपराधों हेतु जागरूकता, काउंसलिंग पर कार्य कर रही है। हमें खुशी है कि हम लोगों की मदद कर पा रहे हैं। लोगों से भी अपील है कि जरूरतमंदों की मदद अवश्य करें।

Related Posts