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कॉमनवेल्थ गेम्स 2022: मीराबाई चानू ने लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड मेडल, बिंद्यारानी देवी ने 55 किग्रा में जीता सिल्वर मेडल, भारत को मिला चौथा पदक

बिंद्यारानी देवी ने 55 किग्रा में जीता सिल्वर मेडल, भारत को मिला चौथा पदक…

नईदिल्ली (ए)। टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता भारतीय महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने अपना बेस्ट प्रदर्शन करते हुए बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन शनिवार को गोल्ड मेडल जीत लिया। चानू ने महिलाओं की 49 kg वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। चानू ने क्लीन एंड जर्क के अपने पहले ही प्रयास में 109 किलो ग्राम का भार उठाया और गोल्ड मेडल जीत लिया। वह तीसरे प्रयास में असफल रहीं लेकिन उससे फर्क नहीं पड़ा क्योंकि 201 किलो के स्वर्णिम प्रदर्शन के साथ वह पोडियम पर पहले स्थान पर रहीं।

बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में वेटलिफ्टिंग में भारत का यह तीसरा मेडल है। 27 वर्षीय मीराबाई का राष्ट्रमंडल खेलों में यह लगातार दूसरा स्वर्ण पदक है। उन्होने इससे पहले, पिछली बार गोल्ड कोस्ट (2018) में भी गोल्ड मेडल जीता था और 2014 (ग्लास्गो) में रजत पदक हासिल किया था। मीराबाई के अलावा मौरिशियस की मारी रानाइवोसोआ दूसरे स्थान पर रहीं जबकि कनाडा की हानाह कामस्किंी ने कांस्य पदक हासिल किया।

भारत की शेरनी चानू ने अपने पहले प्रयास में 80 kg वजन उठाने के साथ मुकाबले में उतरी। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 84 उठाया, जबकि अन्य वेटलिफ्टर में मॉरीशस की मेरी ने हाईएक्सट 76 उठाया था। भारतीय वेटलिफ्टर चानू ने अपने दूसरे प्रयास में 88 किलो का भार उठाया। उन्होंने अपने राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी कर ली और साथ ही अपनी बढ़त को 12 किलो तक पहुंचा दिया। हालांकि वह अपने तीसरे प्रयास में 90 किलो ग्राम का वजन नहीं उठा पाईं।

वही बिंद्यारानी देवी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के दूसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। बिंद्यारानी ने महिलाओं की 55 kg वर्ग में रिकॉर्ड वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया है। चैंपियन मीराबाई चानू ने भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। संकेत सरगर से रजत और गुरुराजा पुजारी के कांस्य पदक जीतने के कुछ घंटों बाद बिंद्यारानी ने कुल 202 किग्रा (स्नैच में 86 किग्रा क्लीन एंड जर्क में 116 किग्रा) वजन उठाकर अपने नाम पदक किया।भारतीय भारोत्तोलकों ने राष्ट्रमंडल खेलों में चमकदार प्रदर्शन जारी रखकर शनिवार और रविवार की सुबह को देश को चार पदक दिलाये।

116 किग्रा के अपने प्रभावशाली वजन के साथ बिंद्यारानी ने न केवल अपना पहला कॉमनवेल्थ गेम्स पदक जीता, बल्कि क्लीन एंड जर्क में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ, राष्ट्रीय रिकॉर्ड और राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड भी हासिल किया। नाइजीरिया के आदिजात एडेनिके ओलारिनोय ने 203 किग्रा (92+111) के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंग्लैंड के फ्रेर मोरो ने 198 किग्रा के साथ कांस्य पदक जीता।

बिंद्यारानी ने अपने पहले प्रयास में 81 किग्रा भारोत्तोलन के साथ अपने अभियान की शुरुआत की और अपने दूसरे और तीसरे प्रयास में 84 किग्रा और 86 किग्रा वजन उठाया। स्नैच सीरीज के अंत में बिंद्यारानी आदिजात और मोरो के बाद तीसरे स्थान पर थी, जिन्होंने क्रमशः 92 किग्रा और 89 किग्रा भार उठाया था।

क्लीन एंड जर्क सीरीज के दौरान बिंद्यारानी कांस्य पदक जीतने की हकदार लग रही थी। वहीं इंग्लैंड की फ्रायर मोरो का रजत पदक पक्का था, लेकिन वह स्वर्ण जीतने की कोशिश में गलती कर बैठी। मोरो ने अपने अंतिम भार में 6 किग्रा अतिरिक्त जोड़ा, जिससे वह लड़खड़ा गई और इसने बिंद्यारानी को अपने पदक के रंग को बदलने का मौका मिल गया। 23 वर्षीय को दूसरे स्थान पर रहने के लिए 116 किग्रा भार उठाने की जरूरत थी और उन्होंने ऐसा करते हुए रजत पदक जीत लिया।

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