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श्रावण मास कब से हो रहा है शुरू? ये है सही तारीख जानिए और भी बहुत कुछ

हिंदू धर्म में सावन माह या श्रावण का महीना विशेष महत्व रखता है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि इस पूरे महीने के प्रत्येक दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि सावन का महीना शिव का महीना होता है. इस साल सावन का महीना जुलाई से शुरू हो रहा है और 12 अगस्त तक चलेगा. जानें श्रावण 2022 का पवित्र महीना कब शुरू हो रहा है, सोमवारी तिथियां, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और महत्व के बारे में डिटेल में जान लें।

सावन महीने के दौरान सोमवार व्रत पुरुष और महिला दोनों ही करते हैं. ऐसी मान्यता है कि जो सावन मास के प्रत्येक सोमवार को उपवास करते हैं उन्हें भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है और उनके जीवन में सुख, समृद्धि आती है. ज्योतिष के अनुसार श्रावण सोमवार व्रत करने वाले व्रती को कुछ खास फूड नहीं खाने चाहिए।

फल: सावन मास के दौरान मौसमी फल का सेवन सबसे अच्छा माना जाता है. अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए अपने आहार में पोटेशियम और फाइबर युक्त फलों को शामिल करना न भूलें. अपने फलाहार में सेब, अंगूर, आड़ू को एड कर सकते हैं।

सेंदा नमक (गुलाबी नमक): यदि आप श्रावण के दौरान ‘सात्विक’ खाना बनाना चाहते हैं, तो अपने भोजन में नियमित नमक के बजाय सेंदा नमक का उपयोग करें।

साबूदाना : सोमवार व्रत में खाने के लिए साबूदाना सही विकल्प हो सकता है. ये बनाने में आसान होते हैं और इन्हें कभी भी खाया जा सकता है।

 

डेयरी उत्पाद: सावन के महीने में दही, पनीर, दही, दूध और छाछ का सेवन किया जा सकता है जिससे आपके डाइट में कैल्शियम की पूर्ति हो सके।

 

इसका सेवन ना करे_ आटा: श्रावण मास में ‘अन्न’ का सेवन वर्जित होता है. सोमवार के व्रत में रवा, सत्तू, बेसन, मैदा और आटा का सेवन नहीं करना चाहिए. अपने भोजन के लिए कुट्टू, राजगिरा या सिंघाड़ा का आटा इस्तेमाल कर सकते हैं.

प्याज और लहसुन: यदि आप सात्विक भोजन करना चाहते हैं तो अन्य सब्जियों के अलावा, प्याज और लहसुन से बचना चाहिए. इन दो सब्जियों को गर्म या तामसिक माना जाता है और इसलिए खाने में इनका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

मसाले: श्रावण के दौरान लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, नियमित नमक और सेंदा नमक को छोड़कर अन्य किसी भी मसाले को दूर रखना चाहिए.

मांस और अंडे: सभी मांसाहारी जो सावन में उपवास करना चाहते हैं, उन्हें सभी प्रकार के लाल और सफेद मांस और अंडे से दूर रहना चाहिए.

महादेव का प्रिय माह सावन 14 जुलाई 2022 से शुरू होकर 12 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर समाप्त हो रहा है। सावन माह का पहला दिन – 14 जुलाई 2022, दिन गुरुवार।

सावन सोमवार व्रत – 18 जुलाई 2022, सोमवार

सावन सोमवार व्रत – 25 जुलाई 2022, सोमवार

सावन सोमवार व्रत – 01 अगस्त 2022 सोमवार

सावन सोमवार व्रत – 08 अगस्त 2022, सोमवार

सावन मास का अंतिम दिन – 12 अगस्त 2022, शुक्रवार।

श्रावण मास हिंदी कैलेंडर में पांचवें स्थान पर आता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान भोलेनाथ की पूजा के लिए बेहद खास होता है. ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति सावन के प्रत्येक सोमवार को व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती हैं।

रक्षा बन्धन भद्रा अन्त समय – 08:51 पी एम

रक्षा बन्धन भद्रा पूंछ – 05:17 पी एम से 06:18 पी एम

रक्षा बन्धन भद्रा मुख – 06:18 पी एम से 08:00 पी एम

पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – अगस्त 11, 2022 को 10:38 ए एम बजे

पूर्णिमा तिथि समाप्त – अगस्त 12, 2022 को 07:05 ए एम बजे

रक्षा बन्धन के लिये प्रदोष काल का मुहूर्त – 08:51 पी एम से 09:13 पी एम।

मंत्र: ऊं हौं जूं सः. ऊॅ भूः भुवः स्वः ऊॅ त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्.

उव्र्वारूकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्.. ऊॅ स्वः भुवः भूः ऊॅ. ऊॅ सः जूं हौं.

शिव मंत्र

ॐ नमः शिवाय

प्रौं ह्रीं ठः

ऊर्ध्व भू फट्

इं क्षं मं औं अं

नमो नीलकण्ठाय

ॐ पार्वतीपतये नमः

ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय

ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा

ॐ नमः शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नमः ॐ

साभार: प्रभात खबर

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