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जनता का काम सही समय पर सरलता से हो सके यही मेरी प्राथमिकता : IFS शशि कुमार

दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। सरकार ने हमे जो जिम्मदारी सौंपी है, उस दिशा में हम पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करते हुए आम जनता का काम सही समय पर सरलता से हो सके जिसके कारण उन्हें इधर उधर भटकना ना पड़े यही मेरी प्राथमिकता रहती है। दुर्ग जिला में शासन की पांच बड़ी योजनाओं पर काम चल रहा है उस पर पूरा फोकस है। यह सब बाते गौरेला पेंड्रा मारवाही जिला में वनमंडलाधिकारी (डिस्ट्रिक फॉरेस्ट आफिसर) शशि कुमार ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक के सफर को हमसे साझा करते हुए आगे की कार्य योजना बताई।

डीएफओ शशि कुमार मूलतः झारखंड राज्य के बोकारो से है। इनकी प्रारंभिक, हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी तक की शिक्षा बोकारो के ही सैनिक स्कूल और चिन्मया विद्यालय में हुई। इसके बाद वर्ष 2012 में इन्होंने बीआईटी, मेसरा (रांची) से मेकेनिकल इंजीनियर की डिग्री हासिल किया। इसके बाद इन्होंने मल्टीनेशनल कंपनी में बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर काम करते हुए जम्मू, सीतारगढ़, मैसूर आदि जगहों पर अपनी सेवाएं दी। इसके साथ ही इन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और वर्ष 2018 में अपने चौथे अटेम्प्ट में इनका चयन भारतीय वन सेवा के पद पर हुआ। इसके पूर्व तीन बार के यूपीएससी परीक्षा में यह इंटरव्यू क्लीयर किए परंतु इनका चयन नही हो पाया इन्होंने हार नही मानी और चौथे अटेम्प्ट में 76वा स्थान प्राप्त किया।

इसके साथ ही इन्हे छत्तीसगढ़ कैडर मिला। ट्रेनिंग के बाद इन्हे कोरबा जिला में पहली पोस्टिंग हुई जहा इन्होंने जिला ट्रेनिंग पूरी की। इसके बाद दिसंबर 2020 में इन्हे बतौर एसडीओ राजनांदगांव की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां इन्होंने अप्रैल 2021 तक अपनी सेवाएं दी। इस दौरान इन्होने ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हुए करीब 15 अवैध आरामिल को बंद करवाया। अप्रैल 2021 में इन्हे बतौर डीएम, वन विकास निगम, नवापारा रेंज की जिम्मेदारी दी गई, जहां इन्होंने फरवरी 2022 तक अपनी सेवाएं दी। फरवरी 2022 में राज्य सरकार ने इन्हे बड़ी जिम्मेदारी सौपते हुए वीवीआईपी जिला दुर्ग की जिम्मेदारी सौंपी जिसे यह जिम्मेदारी के साथ निभाई। वर्तमान में आईएफएस शशि कुमार गौरेला पेंड्रा मारवाही में वनमंडलाधिकारी के पद पर पदस्थ हैं।

महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल को अपना आदर्श मानने वाले आईएफएस शशि कुमार स्कूल और कॉलेज के समय डिबेट और एलुगेशन में बहुत से ईनाम जीत चूके है। चेस खेलने, घूमने-फिरने और फोटोग्राफी में इनकी विशेष रुचि है और यह देश के लगभग सभी राज्य घूम चुके है।

आईएफएस शशि कुमार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि युवा हमारे देश के भविष्य है उन्हे सिर्फ और सिर्फ मेहनत पर ध्यान देना चाहिए अगर वो ईमानदारी से मेहनत करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी, अगर उनका चयन यूपीएससी में नहीं होता है तो उन्हें निराश नहीं होना चाहिए बल्कि अन्य बहुत से फील्ड और विकल्प है उसमे ट्राई करना करना चाहिए और सफल होकर देश, समाज और परिवार की सेवा करनी चाहिए।

आईएफएस शशि कुमार ने बताया कि छत्तीसगढ का पहला बर्ड इंटरप्रेटेशन एंड एवरनेंस सेंटर दुर्ग वनमंडल के बेमेतरा जिला के अंतर्गत गिधवा- परसदा बन रहा है, जो देश-दुनिया के अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों को पनाह देने वाला स्थान है। जनवरी- फरवरी में यहां पर दुर्ग वनमण्डल द्वारा पक्षी महोत्सव का आयोजन किया गया था। गिधवा में 150 प्रकार के पक्षियों का अनूठा संसार है। इको टूरिज्म के विकास और स्थानीय रोजगार की दृष्टि से गिधवा-परसदा में आयोजन किया जा रहा है।

राज्य जैवविविधता बोर्ड के द्वारा पक्षी पर्यटन की दिशा में कदम आगे बढ़ते हुए पाटन क्षेत्र के बेलौदी अचानकपुर सांतरा और चीचा में वेटलैंड काम्प्लेक्स बनाया जा रहा है वही पक्षी प्रेमियों के लिए रुट चार्ट, मीटिंग हॉल, वॉच टॉवर बनाया जा रहा है तथा पक्षियों के बैठने के लिए टापू बनाया जा रहा है।

तालपुरी स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क (वाटर फ्लाई पार्क) बनाना शुरू हो चुका है। यह नगर वन परिकल्पना पर विकसित किया जा रहा है। इसमें ओपन थियटर, लोटस पांड की सरोवर विकसित होगी तथा बोटिंग की सुविधा भी मिलेगी।

अहिवारा- नंदनी की खाली पड़ी जमीन पर देश का सबसे बड़ा मानव निर्मित वन बनाया जा रहा है, जो कि करीब 17 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है, इसमे करीब 83 हजार पौधे लगाए जा चुके है। यहां विविध प्रजाति के पौधे लगने की वजह से यहां प्राकृतिक परिवेश बेहद समृद्ध होगा।

इसके अलावा वन अपराध पर सख्ती से कार्यवाही की जा रही है, दुर्ग वन विभाग पूरी चुस्ती और फुर्ती के साथ अपना काम कर रही है।

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