प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अग्निपथ स्कीम का नाम लिए बिना कहा कि कई फैसले, कई रिफॉर्म तात्कालिक रूप से अप्रिय लग सकते हैं, लेकिन समय के साथ उन रिफॉर्म्स का लाभ देश अनुभव करता है. रिफॉर्म का रास्ता ही हमें नए लक्ष्यों, नए संकल्पों की तरफ ले जाता है…
बेंगलुरु (ए)। बेंगलुरू में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अग्निपथ स्कीम का नाम लिए बिना कहा कि कई फैसले, कई रिफॉर्म तात्कालिक रूप से अप्रिय लग सकते हैं, लेकिन समय के साथ उन रिफॉर्म्स का लाभ देश अनुभव करता है. रिफॉर्म का रास्ता ही हमें नए लक्ष्यों, नए संकल्पों की तरफ ले जाता है. देशभर में अग्निपथ योजना का विरोध-प्रदर्शन जारी है, इस बची पीएम मोदी के बयान को जोड़कर देखा जा रहा है।
पीएम मोदी ने सोमवार को दिए बयान में कहा कि आज स्पेस और डिफेंस जैसे हर सेक्टर को युवाओं के लिए खोल दिया गया है, जिनमें दशकों तक सिर्फ सरकार का एकाधिकार था. उन्होंने कहा आज हम ड्रोन से लेकर एयरक्राफ्ट तक, हर cutting edge technology में भारत के युवाओं को प्रोत्साहित कर रहे हैं।
यहां देश का गौरव ISRO है, DRDO का एक आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर है. आज हम देश के युवाओं से कह रहे हैं कि सरकार ने जो ये वर्ल्ड क्लास सुविधाएं बनाई हैं, इनमें अपने विजन को, अपने आइडिया को टेस्ट करें. हालांकि पीएम मोदी ने अग्निपथ योजना का नाम नहीं लिया, लेकिन इस बयान को योजना के फैसले का बचाव के तौर पर देखा जा रहा है।
इधर भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में युवाओंसे अपील करते हुए कहा कि किसी प्रकार के बहकावे में ना आएं. उन्होंने कहा कि अपने स्वार्थ में कुछ लोग भले ही भ्रमित करना चाहें, लेकिन हमें विश्वास है कि देश का युवा, सेना के वचन में आस्था व्यक्त करते हुए आगे बढ़ेगा।
गौरतलब है कि अग्निपथ योजना की घोषणा 14 जून को की गई थी. इस योजना के तहत साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष की आयु के बीच के युवाओं को केवल चार साल के लिए भर्ती करने का नियम है, जिसमें से 25 प्रतिशत को 15 और वर्षों तक बनाए रखने का प्रावधान है. बाद में, सरकार ने 2022 में भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी।















