निर्वाचन विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी को मुख्यमंत्री सचिवालय के आदेश पर शुक्रवार को आर्थिक अपराध इकाई ने गिरफ्तार कर लिया है, आरोप है कि व्हाट्सएप के जरिए एक संप्रदाय को आहत करने वाला पोस्ट उन्होंने किया है….
पटना (ए)। सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने से पहले सावधान हो जाएं, अगर आप किसी तरह का आपत्तिजनक पोस्ट करते हैं तो आप पर कार्रवाई तय है. पुलिस लगातार सोशल साइटों पर डाले जा रहे कंटेंट की मॉनीटरिंग कर रही हैं। पटना में ऐसा ही एक मामला सामने आया है. निर्वाचन विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी आलोक कुमार को मुख्यमंत्री सचिवालय के आदेश पर शुक्रवार को आर्थिक अपराध इकाई ने गिरफ्तार कर लिया है। आलोक कुमार पर आरोप है कि व्हाट्सएप के जरिए एक संप्रदाय को आहत करने वाला पोस्ट उन्होंने किया है।
आर्थिक अपराध इकाई ने निर्वाचन विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी आलोक कुमार पर दो धाराओं में मुकदमा दायर किया है. उनपर 153A और 66 आईटी एक्ट 2000 की धाराएं लगाई गई हैं. कहा जाता है कि उन्होंने अपने व्हाट्सएप नंबर से आपत्तिजनक पोस्ट शेयर किया है. यह पोस्ट सांप्रदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील भावना को ठेस पहुंचाने वाला बताया जा रहा है।
डिप्टी कलक्टर ने बिगाड़ा सांप्रदायिक सद्भाव! FIR दर्ज की गई है. आलोक कुमार बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं और वर्तमान में निर्वाचन विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थापित हैं. इनपर व्हाट्सएप से आपत्तिजनक पोस्ट फॉरवर्ड करने का आरोप है. pic.twitter.com/7uraZoKIgO
— Prakash Kumar (@kumarprakash4u) June 18, 2022
आर्थिक अपराध इकाई के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार सिंह को इस केस की जांच सौंपी गई है. बताया जा रहा है कि आलोक कुमार के व्हाट्सएप नंबर से सामुदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील और भावना को ठेस पहुंचाने वाला पोस्ट शेयर किया जा रहा था. इसके बाद तत्काल इसका संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की गई. बताया यह भी जा रहा है कि आलोक कुमार के व्हाट्सएप नंबर से एक संप्रदाय को आहत करने वाले पोस्ट को कई ग्रुपों में शेयर किया जा रहा था. इसके बाद आलोक कुमार की गिरफ्तारी हुई।















