3 जून को दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा था कि अगर कोई कोरोना गाइडलाइंस का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए. कोर्ट ने कहा था कि कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है. इसलिए कोरोना से लड़ने के लिए जो गाइडलाइंस जारी की गयी थी, उसका उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए….
नईदिल्ली (ए)। दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बुधवार को यात्रियों के लिए सख्त निर्देश जारी किये. डीजीसीए ने कहा कि अगर कोई यात्री फेस मास्क नहीं पहनता है या इससे इंकार करता है, तो उसे विमान से उतार देना चाहिए. इस संबंध में DGCA ने सर्कुलर भी जारी कर दिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि कोरोना से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया जाना चाहिए. ऐसे लोगों को ‘नो फ्लाई’ (विमान से उड़ान भरने पर रोक) लिस्ट में डाल देना चाहिए. इसके बाद DGCA ने कहा कि एयरलाइंस सुनिश्चित करें कि सभी लोग यात्रा के दौरान ठीक से मास्क पहनें।
DGCA ने कहा है कि असाधारण परिस्थितियों में चेहरे से मास्क हटाने की अनुमति दी जा सकती है. विमानन नियामक ने यह भी कहा कि अगर किसी यात्री को अतिरिक्त फेस मास्क की जरूरत हो, तो एयरलाइन को उपलब्ध कराना होगा. DGCA के सर्कुलर में कहा गया है कि अगर कोई यात्री मास्क पहनने से मना करता है या कोविड19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करता है, तो उसे ‘अनियंत्रित यात्री’ घोषित कर देना चाहिए।















