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पुलिस को जनता के प्रति ज्यादा संवेदनशील बनाना ही मेरी प्राथमिकता – डॉ. अभिषेक पल्लव

 

दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। इंटरव्यू की कड़ी में आपको ऐसे शख्स का परिचय करवा रहे है जो की छत्तीसगढ कैडर का एक बेहतरीन आईपीएस अफसर है। पुलिस आफिसर होने के साथ साथ वे हसमुख, मिलनसार और संवेदनशील इंसान भी है। दंतेवाड़ा में करीब साढ़े पांच साल पदस्थ रहने के दौरान इन्होंने कई एनकाउंटर को लीड किया और सफलता पाई इसलिए इन्हे पुलिस महकमें में ऑपरेशन एक्सपर्ट माना जाता है साथ ही इन्हे पुलिस का मानवीय चेहरा भी माना जाता है। हम आपको जिस शख्स से परिचय करवा रहे है वो वीवीआईपी जिला दुर्ग के नव पदस्थ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अभिषेक पल्लव है। डॉक्टर पल्लव ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत करते हुए अपने अब तक के सफर को साझा किया साथ ही अपनी योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी दी….

डॉक्टर अभिषेक पल्लव मूलतः बेगुसराय (बिहार) से है। इसके पिताजी मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में इंजीनियर थे, जिसके कारण उन्हें देश के कई राज्यों में पोस्टिंग होती थी। इस वजह से एसपी डॉक्टर पल्लव की प्राथमिक से लेकर हायर सेकेण्डरी तक की शिक्षा पठानकोट, सिलीगुड़ी, रांची, पुणे, दिल्ली तथा इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के केंद्रीय विद्यालयों में पूरी हुई। वर्ष 2005 में इन्होंने शासकीय मेडिकल कॉलेज, गोवा से एमबीबीएस की डिग्री हासिल किया। वर्ष 2009 में इन्होंने नईदिल्ली, एम्स से मनोचिकित्सक में एमडी किया। इसके बाद इन्होंने दिल्ली के सफरदरगंज हॉस्पिटल, राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल आदि में अपनी सेवाएं दी। इसके साथ ही इन्होंने यूपीएससी की तैयारी करते हुए वर्ष 2012 के यूपीएससी परीक्षा में शामिल हुए और अपने पहले ही प्रयास में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के लिए चयनित हुए। यह 2013 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अफसर है।

इन्हे प्रशिक्षु जिला दुर्ग मिला और जहां यह करीब छः माह तक पदस्थ रहे। इस दौरान यह नेवई थाना प्रभारी भी रहे। इसके बाद इनका तबादला एसडीओपी महासमुंद के पद पर हुआ फिर इन्हे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, दंतेवाड़ा के पद पदस्थ किया गया, वहा इन्होंने करीब दो साल तक अपनी सेवाएं दी। जनवरी 2018 में इन्हे पुलिस अधीक्षक कोंडागांव बनाया गया जहा इन्होंने अगस्त 2018 तक अपनी सेवाएं दी।

अगस्त 2018 में इन्हे पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहा इन्होंने जनवरी 2022 तक अपनी सेवाएं दी। जनवरी 2022 में इन्हे पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहा इन्होंने अप्रैल 2022 अपनी सेवाएं दी। अप्रैल 2022 में सरकार ने इन्हे बड़ी जिम्मेदारी सौपते हुए वीवीआईपी जिला दुर्ग की कमान सौंपी है, जिसे यह जिम्मेदारी के साथ निभा रहे है।

एसपी डॉक्टर अभिषेक पल्लव ने दंतेवाड़ा जिला में करीब साढ़े पांच साल तक अपनी सेवाएं दी। इस दौरान इन्होंने 100 से ज्यादा मेडिकल कैंप लगाकर 1000 से ज्यादा ग्रामीणों का ईलाज किया। “लोन बर्राटू” अभियान के तहत करीब 1000 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया। एनकाउंटर में 50 से ज्यादा नक्सली मारे गए वही 500 से ज्यादा नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।

एसपी पल्लव सुर्खियों में तब आए जब इन्होंने एनकाउंटर में जिस नक्सली को गोली मारी थी उसी का ईलाज भी करके उसकी जान बचाई थी। दरअसल 18 मार्च 2018 को एएसपी रहते हुए डॉक्टर पल्लव ने पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 01 लाख का इनामी नक्सली कमांडर सोमारू को गोली मार दी, उसके पेट से बहुत खून निकल रहा था, वह दर्द से कराह रहा था तब एएसपी पल्लव ने उसे ईलाज के लिए अस्पताल भिजवाया और दूसरे दिन डॉक्टर पल्लव उसे देखने स्वयं अस्पताल पहुंचे थे।


कोंडागांव एसपी रहते हुए डॉक्टर पल्लव नक्सली नेता पोहरू को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंचे थे, मगर वह घर पर नहीं था, उसकी बीमार पत्नी और तीन कुपोषित बच्चे मिले। डॉक्टर पल्लव ने तुरंत उनकी जांच की और पाया कि उनके टीबी के संभावित लक्षण है, तब उन्हे एंटीबायोटिक और कफ सिरप प्रदान कर बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाना चाहा मगर नक्सली नेता की पत्नी पुलिस से डरते हुए ईलाज कराने ने से मना कर दी लेकिन डॉक्टर पल्लव के दवाओं और दयालु शब्दो ने विश्वास जगाया और वह ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुई।

एसपी अभिषेक पल्लव दूसरी बार सुर्खियों में तब आए थे, जब राष्ट्रीय मीडियाकर्मियों की टीम निलवाया गांव (दंतेवाड़ा) में आई थी कवरेज करने के लिए क्योंकि उस गांव के लोग 20 साल बाद मतदान करने वाले थे। सैकड़ों की संख्या में नक्सलियों ने पुलिस और पत्रकार पर हमला कर दिया और उसमे दो पुलिसकर्मी और एक कैमरामैन की मृत्यु हो गई थी। इस घटना से एसपी पल्लव को बहुत दुख हुआ और मीडिया को बाईट देते हुए वे बहुत ही भावुक हो गए थे, इसलिए इन्हे पुलिस का मानवीय चेहरा कहा जाता है।
नक्सली क्षेत्र में पदस्थ रहते हुए इन्होंने करीब 15 गावों को नक्सल से मुक्त करवाया वही करीब 50 गावों में नक्सली मूवमेंट कम करवाने में सफलता मिली।

एसपी डॉ. पल्लव को एम्स, नईदिल्ली में सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए गोल्ड मेडल देकर पुरस्कृत किया जा चुका है वही राष्ट्रीय पुलिस एकेडमी, हैदराबाद में कानून व्यवस्था और पुलिस मैनेजमेंट के लिए दो पुरस्कार तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह के द्वारा इन्हे दिया जा चुका है।

एसपी पल्लव फ्री टाइम में ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा शिविर लगाकर मुफ्त में ईलाज करने और तनाव मुक्त जीवन जीने का परामर्श देना इनकी विशेष रुचि है। इनकी धर्मपत्नी भी डॉक्टर है और इनका पुत्र है।

कार्य करने के उद्देश्य को लेकर एसपी पल्लव ने कहा की गरीब तबके के लोगो को न्याय मिल सके और पुलिस को जनता के प्रति ज्यादा संवेदनशील बनाने की पूरी कोशिश करता हूं यही मेरी प्राथमिकता है।
पीएससी या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को यही कहना चाहूंगा कि परीक्षा के लिए अपने आप को मोटिवेटेड रखे, कड़ी मेहनत करे, जब तक सफल नही हो जाते तब तक तैयारी करते रहे। पूरी मेहनत, ईमानदारी और गाइडेंस के साथ तैयारी करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी।

युवा देश के भविष्य है, उन्हे नशे से दूर रहना चाहिए। मै युवाओं के अभिभावकों से यही अपील करूंगा की अपने बच्चो पर ध्यान रखे, उनका उचित ईलाज कराएं। पुलिस को नशे के व्यापारियों की सूचना दे ताकि प्रभावी कार्यवाही कर सके।

मुख्यमंत्री के घोषणा अनुरूप दुर्ग जिला के पुलिसकर्मियों को सोमवार 9 मई से साप्ताहिक छुट्टी अनिवार्य कर दी गई है। जो भी पुलिसकर्मी स्थानांतरण चाहते है वो आवेदन देंगे उस पर विचार कर स्थानांतरण किया जायेगा। पुलिस क्वार्टर का आबंटन पारदर्शी तरीके से किया जाएगा, तय मापदंडों के हिसाब से आबंटन होगा।
अवैध शराब बिक्री यहां की एक बड़ी समस्या रही है, इसके लिए मुहिम चलाई जाएगी। जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से लोगो को शराब से होने वाले नुकसान, इसके ईलाज आदि के बारे में जागरूक करेंगे साथ ही अवैध कारोबारियों पर कार्यवाही भी की जाएगी। रात्रि गस्त को और मजबूत किया जाएगा। महिला और बच्चो की सुरक्षा को और बेहतर किया जाएगा।

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