पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय दुनिया में कहीं भी रहें. कितनी ही पीढ़ियों तक रहें, उनकी भारतीयता, उनकी भारत के प्रति निष्ठा लेश मात्र भी कम नहीं होती. भारतीय जिस देश में रहते हैं, पूरी लगन और ईमानदरी से उस देश की भी सेवा करते हैं….
नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हम एक नया भारत भी बनायेंगे और बेहतर दुनिया का सपना भी साकार करेंगे. पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कनाडा के सनातन मंदिर कल्चरल सेंटर में भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित किया. इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि सनातन मंदिर में सरदार पटेल की प्रतिमा न केवल हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करेंगे, बल्कि दोनों देशों के संबंधों के प्रतीक भी बनेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय दुनिया में कहीं भी रहें. कितनी ही पीढ़ियों तक रहें, उनकी भारतीयता, उनकी भारत के प्रति निष्ठा लेश मात्र भी कम नहीं होती. भारतीय जिस देश में रहते हैं, पूरी लगन और ईमानदरी से उस देश की भी सेवा करते हैं. जो लोकतांत्रिक मूल्य, जो कर्तव्यों का एहसास उसके पुरखे ले गये होते हैं, वो उसके दिल के कोने में हमेशा जीवंत रहता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि भारत एक राष्ट्र होने के साथ ही एक महान परंपरा है. एक वैचारिक अधिष्ठान है. एक संस्कार की सरिता है. भारत वो शीर्ष चिंतन है, जो वसुधैव कुटुंबकम की बात करता है।
भारत दूसरे के नुकसान की कीमत पर अपने उत्थान के सपने नहीं देखता. भारत अपने साथ संपूर्ण मानवता के, पूरी दुनिया के कल्याण की कामना करता है. इसलिए कनाडा या किसी भी और देश में जब भारतीय संस्कृति के लिए समर्पित कोई सनानत मंदिर खड़ा होता है, तो वो उस देश के मूल्यों को भी समृद्ध करते हैं. इसलिए आप कनाडा में भारत की आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हैं, तो उसमें लोकतंत्र की साझी विरासत का भी सेलेब्रेशन होता है।
पीएम मोदी ने कहा- मैं मानता हूं कि भारत की आजादी के अमृत महोत्सव कनाडा के लोगों को भी भारत को और करीब से देखने-समझने का अवसर देगा. उन्होंने कहा कि अमृत महोत्सव से जुड़ा आयोजन, सनातन मंदिर कल्चर सेंटर का स्थल और सरदार पटेल की प्रतिमा- ये अपने आप में भारत का वृहद चित्र है. आजादी की लड़ाई में हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने क्या सपने देखे थे. कैसे आजाद देश के लिए संघर्ष किया था।
उन्होंने कहा कि एक ऐसा भारत, जो आधुनिक हो, एक ऐसा भारत, जो प्रगतिशील हो साथ ही एक ऐसा भारत, जो अपने विचारों से, अपने चिंतन से, अपने दर्शन से अपनी जड़ों से जुड़ा हो. इसलिए आजादी के बाद नये मुकाम पर खड़े भारत को उसकी हजारों सालों की विरासत याद दिलाने के लिए सरदार साहब ने सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना की थी. गुजरात उस सांस्कृतिक महायज्ञ का साक्षी बना।
पीएम मोदी ने कहा कि आज आजादी के अमृत महोत्सव में हम वैसा ही नया भारत बनाने का संकल्प ले रहे हैं. हम सरदार साहब के उन सपनों को पूरा करने का संकल्प दोहरा रहे हैं. उसमें स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, देश के लिए बड़ी प्रेरणा है. आज का ये आयोजन इस बात का प्रतीक है कि भारत के अमृत संकल्प केवल भारत की सीमाओं तक ही सीमित नहीं हैं. ये संकल्प विश्व भर में फैल रहे हैं. पूरे विश्व को जोड़ रहे हैं।
It happens as India is a great tradition, ideological establishment, a stream of culture, besides being a country. It is a supreme thought that speaks of Vasudhaiva Kutumbakam. It doesn't dream of its upliftment at the cost of others' loss. It prays for welfare of entire world:PM pic.twitter.com/cAQo1hny1o
— ANI (@ANI) May 1, 2022
पीएम मोदी ने कहा कि आज जब हम ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को आगे बढ़ाते हैं, तो विश्व के लिए प्रगति की नयी संभावनाएं खोलने की बात करते हैं. आज जब हम योग के प्रसार के लिए प्रयास करते हैं, तो विश्व के हर व्यक्ति के लिए ‘सर्वे संतु निराममया’ की कामना करते हैं. क्लाइमेट चेंज और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे विषयों को लेकर भी भारत की आवाज पूरी मानवता का प्रतिनिधित्व करती है।
My remarks at a programme being organised by Sanatan Mandir Cultural Centre in Canada. https://t.co/KcJiIfgW46
— Narendra Modi (@narendramodi) May 1, 2022
पीएम ने कहा कि ये समय भारत के इस अभियान को आगे बढ़ाने का है. हमारा परिश्रम केवल अपने लिए नहीं है, बल्कि भारत की प्रगति से पूरी मानवता का कल्याण जुड़ा है. हमें दुनिया को एहसास दिलाना है. इसमें प्रवासी भारतीयों की बहुत बड़ी भूमिका है।















