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भिलाई YES बैंक में खाता बंद करवाने गए खाताधारक की बैंककर्मियों ने कर दी पिटाई, पुलिस जांच में सामने आया हाईप्रोफाइल मामला, एक आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी, जानिए क्या है पूरा माजरा?

बैंक अकाउंट किराए पर देने के खेल का भंडाफोड़, एक ही आदमी ने खुलवाए दर्जनों अकाउंट, अकाउंट होल्डर को पता ही नही, हो रहा उसके अकाउंट पर लाखो कारोणो का खेल, यश बैंक सुपेला ब्रांच की हो रही है जांच, छत्तीसगढ़ में ऑन लाइन सट्टे से जुड़े मामलों में सुपेला थाने के द्वारा दर्ज किया गया है अपने तरह का यह पहला मामला….

भिलाई। ऑन लाईन सट्टे के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीएन मीणा के नेतृत्व में एवम अति पुलिस अधीक्षक संजय ध्रुव के मार्गदर्शन एवम सभी नगर पुलिस अधीक्षक गण तथा डीएसपी क्राईम के देखरेख में चलाए जा रहे अभियान कार्यवाही के तहत सुपेला थाने में दिनांक 13.04.22 को अपने तरह का पहला मामला दर्ज हुआ। जब प्रार्थी हरिकांत द्विवेदी ने थाने में आकर यह बताया कि मेल के जरिए जब उसको उसके यश बैंक सुपेला ब्रांच के अकाउंट में बहुत सारे पैसे जमा होने की सूचना मिली तो वह डर गया वह ब्रांच में जाकर अकाउंट क्लोज करना चाहा तो बैंक कर्मियों ने उसकी पिटाई कर दी।

उसने यह भी बताया की उसके एक परिचित साहिल महिलांग के जिद पर उसने अपना केवाईसी वगेरह दिया था और अकाउंट खुलवाया था पर उसे इस तरह ज्यादा मात्रा में पैसे अकाउंट में आने से शंका हुई की कन्ही उसके अकाउंट का दुरुपयोग तो नही हो रहा है। थाना सुपेला में प्रार्थी हरिकांत द्विवेदी की रिपोर्ट पर अप. क्र 22 धारा 323, 294, 506, 417 34 आईपीसी के तहत साहिल महिलांग व यश बैंक सुपेला ब्रांच के कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किया गया।

जांच के दौरान पता चला की 13 अप्रैल को ही प्रार्थी के जानकारी के बगैर उसके अकाउंट में डला लगभग सारा पैसा 3.85 लाख रू चेक के जरिए आनन फानन में निकाल लिया गया है जबकि प्रार्थी ने ऐसे किसी चेक में दस्तखत नही किया था बैंक में पता किया गया तो मनीष मिश्रा नाम के किसी व्यक्ति के द्वारा चेक जमा करने और पैसे निकालने की सूचना मिली।

मनीष मिश्रा को पकड़ कर पूछताछ किया गया तो उसने फर्जी साइन के जरिए बैंक वालो की मदद से पैसे निकलना कुबूल किया उससे सारे रकम भी बरामद किए गए। पूछताछ पर मनीष मिश्रा ने बताया की इसने तथा साहिल महिलांग ने मिलकर किसी हनी गुप्ता के लिए इसी बैंक में 15 से 20 अकाउंट खुलवाकर दिए है। प्रत्येक अकाउंट के लिए नया मोबाइल नंबर हनी गुप्ता देता है। जिसको अकाउंट ओपन करते समय डाला जाता था। जिसमे ओटीपी सहित अन्य जानकारियां आती थी, फिर उस अकाउंट को ऑन लाइन कर अकाउंट का उपयोग ऑन लाइन सट्टे के लिए किया जाता था। 

प्रत्येक अकाउंट के पीछे हनी व मनीष साहिल को 10 हजार रु देता था। जब प्रार्थी ने बैंक में अपना अकाउंट बंद करना चाहा तो उसके अकाउंट के सारे पैसे निकाल कर उसके अकाउंट को बंद करने की कोशिश की गई। चेक में साइन किसने किया जबकि मनीष मिश्रा ने बैंक में कोरे चेक देना बताया है। पैसे बैंक से कैसे निकल गए। बैंक वालो ने ग्राहक से मारपीट क्यों की इन बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।

कितने ऐसे करेंट अकाउंट है शाखा में उसकी भी जांच की जा रही है। साहिल और हनी गुप्ता की तलाश पुलिस कर रही है, जो अपने घरों से फरार है। जांच पर और भी नए तथ्यो के खुलासे की संभावना है। आरोपी मनीष मिश्रा से 3.85 नगदी, दर्जनों अकाउंट के चेकबुक कई एटीएम, पासबुक आदि बरामद किया गया है तथा उसे धारा 420, 417 के तहत गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा जा रहा है।

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