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मानवता की प्रगति महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना अधूरी है : मीना ध्रुव

भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस)। आज की महिलाएं पुरुषों से कम नही है, एक समय था जब महिलाओं को अबला कहा जाता था लेकिन अब समय बदल गया हैं। महिलाएं जिस फील्ड में भी जाना चाहे जा सकती है उसके लिए उन्हें अपना 100% देना चाहिए। कौन क्या बोल रहा है उसका ध्यान ना देकर अपने लक्ष्य पूरा फोकस करना चाहिए तभी सफलता मिलेगी। यह सब बातें पुलिस कंट्रोल रूम दुर्ग की प्रभारी निरीक्षक मीना ध्रुव ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक के सफर को हमसे साझा किया।

निरीक्षक मीना ध्रुव की प्रारंभिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा शासकीय विद्यालय कुरुद (धमतरी) से हुई, हाई स्कूल की शिक्षा इन्होंने भाठागांव शासकीय विद्यालय और हायर सेकेंडरी की शिक्षा दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर से पूरी की। वर्ष 2003 में इन्होंने गर्ल्स डिग्री कॉलेज, रायपुर से आर्ट्स विषय मे स्नातक फिर इकोनॉमिक्स में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल किया।

स्नातक की शिक्षा पूरी करने दौरान ही छत्तीसगढ़ पुलिस में सब इंस्पेक्टर की भर्ती निकली और अपने पहले ही प्रयास में ये वर्ष 2004 सब इस्पेक्टर के पद पर चयनित हुई। सागर (मप्र) में ट्रेनिंग के बाद इनकी पहली पोस्टिंग बतौर प्रशिक्षु दंतेवाड़ा में हुई कहा इन्होंने वर्ष 2004 से 2008 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2008 में इनका तबादला (भानुप्रतापपुर) कांकेर में हुआ, जहां इन्होंने 2011 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2011 में इन्हें राजधानी रायपुर में पदस्थ किया गया जहां इन्होंने 2013 तक अपनी सेवाएं दी इस दौरान यह डीडी नगर, आजाद चौक थाना में पदस्थ रही और महिला थाना प्रभारी भी रही। वर्ष 2013 में इनका प्रमोशन हुआ और यह उप निरीक्षक से निरीक्षक बनी। प्रमोशन के साथ ही इनका तबादला सुकमा हुआ जहां इन्होंने ढाई साल तक अपनी सेवाएं दी इस दौरान यह दोरनापाल में पदस्थ रही। वर्ष 2015 में पुनः इन्हें रायपुर में पदस्थ किया गया, जहां इन्होंने 2017 तक अपनी सेवाएं दी इस दौरान यह महिला थाना प्रभारी रही।

वर्ष 2017 में इनका तबादल महासमुंद में हुआ, वहां इन्होंने 2018 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2019 में इनका तबादला बिलासपुर हुआ, जहां इन्होंने मार्च 2021 तक अपनी सेवाएं दी इस दौरान यह महिला थाना प्रभारी और कंट्रोल रूम प्रभारी रही। मार्च 2021 में इन्हें वीवीआईपी जिला दुर्ग में पदस्थ किया गया और कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी सौपी गई, जिसे यह जिम्मेदारी के साथ निभा रही है।

अपने पिताजी को अपना आदर्श मानने वाली निरीक्षक मीना ध्रुव को कुकिंग में विशेष रुचि है। वर्ष 2012 उज्जैन, कुम्भ सिहस्थ में ड्यटी के दौरान और डीडी नगर में पदस्थ रहते हुए बेहतर कार्य के लिए इन्हें आईजी द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

निरीक्षक मीना ध्रुव ने बताया कि ग्रेजुएट होते ही सब इंस्पेक्टर की नौकरी का विकल्प सामने आया तो मेहनत कर इसमे भाग लिया और पहले ही प्रयास में सलेक्ट हो गई। पुलिस विभाग ऐसा है जो आम लोगो से जुड़ा हुआ है और पीड़ित लोगों को पुलिस से बहुत उम्मीद रहती है कि वो उनकी समस्याओं को दूर करेंगे और इसी उद्देश्य के साथ नौकरी करते आ रहे है।
महिला दिवस पर महिलाओं के लिए यही संदेश है कि आज की महिलाएं हर फील्ड में काफी सशक्त है, अपना कार्य बखूबी निभा रही है। नौकरी के साथ साथ घर की जिम्मेदारी भी निभाती है, जिसके लिए तालमेल बैठाना बहुत जरूरी होता है।
मानवता की प्रगति महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना अधूरी है। इनके पति भी छत्तीसगढ़ पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारी है और इनके दो पुत्र है।

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