दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। महिलाओं के शिक्षित हुए बिना समाज की तरक्की नहीं हो सकती। बच्चों की परवरिश और उनकी शुरुआती शिक्षा माताओं पर ही निर्भर रहती है। सही मायने में परिवार में महिलाओं की भूमिका पुरुषों से महत्वपूर्ण होती है। महिला को अपनी जिंदगी का ख्याल तो रखना ही पड़ता है साथ में पूरे परिवार का ध्यान भी रखना पड़ता है। वह पूरी जिंदगी बेटी, बहन, पत्नी, माँ, सास, और दादी जैसे रिश्तों को ईमानदारी से निभाती है। इन सभी रिश्तों को निभाने के बाद भी वह पूरी शक्ति से नौकरी करती है ताकि अपना, परिवार का, और देश का भविष्य उज्जवल बना सके। यह सब बातें महिला दिवस पर अपर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक के सफर को हमसे साझा किया।
अपर कलेक्टर पद्मिनी भोई की प्रारंभिक शिक्षा से लेकर हायर सेकेंडरी तक की शिक्षा सालेम इंग्लिश मीडियम स्कूल, रायपुर में पूरी हुई। वर्ष 2001 में इन्होंने डिग्री गर्ल्स कॉलेज, रायपुर से विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल किया। वर्ष 2004 में इन्होंने छत्तीसगढ़ लॉ कॉलेज, रायपुर से वकालत की डिग्री हासिल कर सीजी पीएससी की तैयारियों में जुट गई और अपने पहले ही प्रयास में वर्ष 2005 में डिप्टी कलेक्टर के लिए चयनित हुई। बतौर प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर इन्हें पहला जिला कोरबा मिला, जहां इन्होंने वर्ष 2005 से 2008 तक अपनी सेवाएं दी। इसके बाद इनका तबादला धमतरी जिला में हुआ, जहां इन्होंने 2008 से 2011 तक अपनी सेवाएं दी, इस दौरान यह एसडीएम कुरुद के पद पर पदस्थ रही।
वर्ष 2011 में इनका तबादला रायपुर हुआ, जहां इन्होंने 2014 तक अपनी सेवाएं दी, इस दौरान यह नजूल अधिकारी, रायपुर एसडीएम की जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2014 में इनका प्रमोशन हुआ और यह डिप्टी कलेक्टर से एडिशनल कलेक्टर बनाई गई। इसके साथ ही इनका तबादला जिला पंचायत सीईओ, बालोद की जिम्मेदारी सौंपी गई, वहां इन्होंने 2016 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2016 से 2018 तक इन्हें अपर संचालक, चाइल्ड डेवलोपमेन्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई। वर्ष 2018 से 2020 तक इन्हें जॉइंट सीईओ इलेक्शन एवं मुख्य पदाधिकारी निर्वाचन कार्यालय की बड़ी जिम्मेदारी दी गई। छत्तीसगढ़ राज्य के 2018 विधानसभा चुनाव और 2019 लोकसभा चुनाव सफलता पूर्वक संपन्न करने इन्होंने अपनी अहम भूमिका निभाई। वर्ष 2020 में इन्हें एडीएम रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहा इन्होंने नवम्बर 2021 तक अपनी सेवाएं दी। नवम्बर 2021 में इन्हें वीवीआईपी जिला दुर्ग में पोस्टिंग मिली और इन्हें एडीएम दुर्ग की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, जिसे यह जिम्मेदारी के साथ निभा रही है।
अपने पैरेंट्स को अपना आदर्श मानने वाली एडीएम पद्मिनी भोई को गार्डनिंग में विशेष रुचि है। इन्होंने बताया कि इनके पिताजी लॉयर है और यह मध्यम वर्गीय परिवार से है। ये अपने समाज की पहली लड़की है जो इस पोस्ट पर चयनित हुई है लेकिन इनके चयन के बाद इनका छोटा भाई अविनाश भोई भी इसी पद चयनित हुए और वर्तमान में एसडीएम राजिम है। इनके चयन के बाद इनके समाज की लड़कियां भी इस परीक्षा की तैयारियों में जुटी औऱ आज चयनित हुई। इन्होंने सफलता का मूलमंत्र यही दिया है कि सभी को अपना राह चुनना चाहिए और असफलता से डरना नही चाहिए, हमेशा प्रयासरत रहना चाहिये। वर्ष 2021 में राज्यपाल अनुसुईया उइके अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इन्हें सम्मानित कर चुकी है।















