सड़कों के निर्माण हेतु 458 करोड़, ग्रामीण मार्गो के निर्माण हेतु 810 करोड़, वृहद एवं मध्यम पुलों के निर्माण हेतु 315 करोड़ तथा रेल्वे ओवरब्रिज निर्माण हेतु 90 करोड़ का प्रावधान है।
119.    शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 659 नवीन निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। इसमें 502 सड़क कार्य हेतु 365 करोड़, 134 वृहद् एवं मध्यम पुल कार्य हेतु 103 करोड़ तथा 8 नवीन शासकीय विश्रामगृह के निर्माण हेतु 3 करोड़ का प्रावधान है। 15 रेलवे ओवरब्रिज कार्य के सर्वेक्षण हेतु 8 करोड़ 65 लाख का प्रावधान है।
120.    मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना अंतर्गत राज्य में निर्मित शासकीय भवनों जैसेः- स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र, आंगनबाड़ी इत्यादि को पक्की सड़क से जोड़ने हेतु पहुंच मार्ग के निर्माण की लोकप्रियता को देखते हुए बजट में 150 करोड़ का प्रावधान है।
121.    एशियन विकास बैंक की सहायता से निर्माणाधीन सड़क विकास परियोजना के लिए 884 करोड़ का प्रावधान है।
122.    नाबार्ड की सहायता से ग्रामीण मार्गो एवं मध्यम पुलों के निर्माण हेतु 236 करोड़ का प्रावधान है।
वर्ष 2021-22 का पुनरीक्षित एवं 2022-23 का बजट अनुमान
123.    अध्यक्ष महोदय, अब मैं वर्ष 2021-22 का पुनरीक्षित एवं 2022-23 का बजट अनुमान सदन के समक्ष प्रस्तुत करता हूं।
124.    वर्ष 2021-22 में कुल प्राप्ति के बजट अनुमान 97 हजार 145 करोड़ की तुलना में पुनरीक्षित अनुमान 99 हजार 601 करोड़ है। इस प्रकार बजट अनुमान की तुलना में पुनरीक्षित अनुमान में 2.52 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है।
125.    कुल प्राप्तियों में होने वाली वृद्धि को देखते हुए अधिक आवश्यकता वाली योजनाओं हेतु अतिरिक्त राशि दिये जाने का प्रस्ताव है। परिणामस्वरूप कुल व्यय का बजट अनुमान 97 हजार 106 करोड़ से बढ़ा करके पुनरीक्षित अनुमान 99 हजार 559 करोड़ प्रस्तावित किया गया है।
126.    वर्ष 2022-23 में 1 लाख 04 हजार करोड़ की कुल प्राप्ति का बजट अनुमान है, जो गत वर्ष की अनुमानित बजट प्राप्तियों से 7 प्रतिशत अधिक है। कुल प्राप्तियों में राज्य की राजस्व प्राप्तियां 44 हजार 500 करोड़, केन्द्र से प्राप्तियां 44 हजार 573 करोड़ एवं पूंजीगत प्राप्तियां 14 हजार 927 करोड़ अनुमानित है।
127.    वर्ष 2022-23 के लिए विनियोग का आकार 1 लाख 12 हजार 603 करोड़ का है। सकल व्यय से ऋणों की अदायगी एवं पुनर्प्राप्तियों को घटाने पर शुद्ध व्यय 1 लाख 04 हजार करोड़ अनुमानित है। राजस्व व्यय 88 हजार 372 करोड़ एवं पूंजीगत व्यय 15 हजार 241 करोड़ है। वर्ष 2022-23 में पूंजीगत व्यय कुल व्यय का 14.6 प्रतिशत है।
128.    प्रदेश में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के विकास के लिए अनुसूचित जनजाति उपयोजना मद मे 33 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति उपयोजना मद में 12 प्रतिशत का बजट प्रावधान किया गया है।
129.    वर्ष 2022-23 के बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिये 37 प्रतिशत, आर्थिक क्षेत्र के लिये 40 प्रतिशत एवं सामान्य सेवा क्षेत्र के लिये 23 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है।

राजकोषीय स्थिति
130.    अध्यक्ष महोदय, राज्य का स्थापना व्यय प्रतिवर्ष बढ़ रहा है। राज्य के सभी वर्ग के लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ देने के लिये भी प्रतिवर्ष अधिक राशि की आवश्यकता को देखते हुए राज्य के स्वयं के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में हम निरंतर प्रयत्नशील हैं।
131.    राज्य में कर एवं करेत्तर राजस्व अर्जन करने वाले विभागों में प्रचलित कराधान नियम/अधिनियम, प्रचलित कर दरों तथा अन्य सुसंगत दस्तावेजों का अध्ययन एवं समीक्षा करके करवृद्धि के सुझाव प्रस्तुत करने हेतु वित्त विभाग के अंतर्गत ‘‘करावर्धन प्रकोष्ठ’’ का गठन किया जायेगा।
132.    पंजीयन विभाग के द्वारा अभिलेखों के पंजीयन शुल्क पर रोजगार एवं युवा विकास उपकर अधिरोपित किया जायेगा, जिससे 100 करोड़ की अतिरिक्त आय होगी।
133.    मार्च 2021 की स्थिति में राज्य का ऋणभार कुल बजट की तुलना में 80 प्रतिशत तथा राज्य के सकल घरेलू उत्पाद की तुलना में ऋणभार 22 प्रतिशत है, जो कि भारत सरकार एवं अन्य राज्यों की तुलना में काफी बेहतर है।
134.    राज्य के आय-व्यय को संतुलित रखने की दृष्टि से व्यय में मितव्ययिता संबंधी प्रावधानों को आगे भी निरंतर रखा जायेगा।
135.    राज्य का सकल वित्तीय घाटा 14 हजार 600 करोड़ अनुमानित है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 3.3 प्रतिशत है।
136.    वर्ष 2022-23 हेतु कुल प्राप्तियां 1 लाख 04 हजार करोड़ के विरूद्ध शुद्ध व्यय 1 लाख 04 हजार करोड़ अनुमानित है।
137.    राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियां 89 हजार 73 करोड़ एवं कुल राजस्व व्यय 88 हजार 372 करोड़ अनुमानित है। अतः वर्ष 2022-23 में कुल 701 करोड़ का राजस्व आधिक्य ( Revenue surplus) ैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैैअनुमानित है।
कर प्रस्ताव
अध्यक्ष महोदय, वर्ष 2022-23 के लिये कोई कर प्रस्ताव नहीं है।
इस प्रकार वर्ष 2022-23 का वार्षिक वित्तीय विवरण तथा अनुदान की मांगे सदन के समक्ष प्रस्तुत करता हूँ।