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दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

राज्य स्तरीय संत रविदास एकता प्रतिनिधि सम्मेलन एवं जयंती कार्यक्रम का हुआ आयोजन

भिलाई। छत्तीसगढ़ स्तरीय संत रविदास समाज छत्तीसगढ़ द्वारा सामाजिक एकता प्रतिनिधि सम्मेलन व जयंती समारोह का आयोजन फेडरेशन भवन सेक्टर 4 भिलाई में संपन्न हुआ।
इस प्रकार का अनोखा आयोजन में संत रविदास जी को मानने वाले विभिन्न प्रांत के लोगों में परस्पर एकता स्थापित करने के लिए उक्त कार्यक्रम हुआ।

इस कार्यक्रम के आयोजक किशोर कन्नौजे ( मेहर समाज), बालाराम कोल्ते (रविदास समाज छः ग:), दशरथ अहिरवार (अहिरवार समाज), विनोद वासनिक (बौद्ध समाज), भागीरथी दास उपस्थित थे। कार्यक्रम के समन्वयक फेडरेशन चेयरमैन सुनील रामटेके थे।

उपरोक्त ऐतिहासिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिलीप वासनीकर (पूर्व कलेक्टर एवं वर्तमान छग. जांच आयोग के कमिश्नर) व अन्य विशिष्ट अतिथियों में सारंग हुमने, कृष्ण कुमार रायकर (बिलासपुर), अनिल खोब्रागडे (दल्ली राजहरा), रुपेश रोहिदास (मस्तूरी), डॉ. मानिक खरे, कन्हैया चौधरी, दिनेश बर्वे(कवर्धा), डॉ.राजेंद्र, जयमाला मंडराहा (रायपुर), भिलाई इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक बिन्तोष बाला, पूर्व महाप्रबंधक पी.पी. वर्मा प्रमोद गजपाल उपस्थित थे।

उपरोक्त विशिष्ट अतिथि गणों ने भविष्य में होने वाले संत रविदास महासम्मेलन में भाग लेने के लिए राज्य स्तरीय दौरा करके ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला स्तरीय बैठकों का दौर शुरू कर कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने पर जोड़ दिया और छः ग: राज्य में प्रतिनिधित्व ना प्रदान करने पर राज्य सरकार से मांग किया। जयंती पर्व पर अवकाश ना प्रदान करने पर तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की।

प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए प्रतिनिधि मंडल द्वारा मिलकर मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया।
एवं होने वाले महासम्मेलन में इस बात पर विभिन्न आने वाले जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने का भी निर्णय लिया।
क्योंकि ज्यादातर राज्यों में वह केंद्र में समाज को प्रतिनिधित्व प्राप्त हुआ, लेकिन छत्तीसगढ़ में नहीं हुआ जिससे समाज में रोष व्याप्त है। कार्यक्रम के संयोजक आनंद रामटेके(समता सैनिक दल) व अनिल गजभिये (पेंथर सेना) अजय मेश्राम थे।

मुख्य अतिथि दिलीप वासनीकर ने गुरु रविदास जी पर सारगर्भित शब्दों में उनकी मार्ग को आत्मसात करने की बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता किशोर कन्नौजेने किया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रवीण अहिरवार (दल्ली राजहरा), नेहरू राज (चिरमिरी),रोशन नागदौने, देवेंद्र मोटघरे, उवर्शी पालेकर, संतोषी खरे, कुमारी खरे (बिलासपुर), रामखिलावन लांझेकर, सुभाष बघेल, विजय ,मुन्ना लाल लांझी, शत्रुहन हरिले (कवर्धा),सुरेश सोनवानी, चैतन्य मेहर, नीलेश उगरे(जांजगीर-चांपा),युवराज लहरी, डॉ. सी. आर.रावे, राकेश मेहर, मनोज लहरी,(रायपुर),आर.के.अदरे,पुष्पेंद्र कुमार गजेन्द्र, कलीराम, रविन्द्र रामटेके, खरसान, करण लाल आडिल (राजनादगांव), कृष्ण मुरारी, दीनानाथ, शिवकुमार पाठक, विजय कश्यप, रामकेवल प्रसाद, जी. आर. अहिरवार, नरेंद्र रैदास, बेनीराम रावटे, सुनील निगम, रामचन्द्र बेहरा, राकेश, रोशन, के. एम. राव, डॉ. गजेन्द्र, नरेंद्र बावरिया, बी. आर. चौरे, आर. एस. चौहान, रजत चौरे, गौतम खोब्रागड़े, अधिवक्ताअनील कामले,अरविन्द रामटेके। कार्यक्रम का संचालन अनिल गजभिये एवं आभार बालाराम कोल्ते ने किया।

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