भारत में पहली बार डीआरडीओ और आईआईटी-दिल्ली के वैज्ञानिकों की संयुक्त टीम के द्वारा यूपी में प्रयागराज और विंध्याचल के बीच 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी के बीच क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन लिंक का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया. DRDO ने इस बारे में जानकारी दी है….
नईदिल्ली (ए)। भारत में पहली बार ‘क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन लिंक’ (Quantum Key Distribution technology) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया. डीआरडीओ और आईआईटी-दिल्ली के वैज्ञानिकों की संयुक्त टीम के द्वारा यूपी में प्रयागराज और विंध्याचल के बीच 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी के बीच क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन लिंक का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने इस बारे में जानकारी दी है।
A joint team of DRDO & IIT-Delhi scientists for the first time in the country, successfully demonstrated Quantum Key Distribution link between Prayagraj and Vindhyachal, UP, a distance of more than 100 kms: DRDO pic.twitter.com/fS3rEK2gs1
— ANI (@ANI) February 23, 2022
स्वदेशी तकनीक का किया गया प्रदर्शन
यह तकनीकी सफलता एक वाणिज्यिक-ग्रेड पर हासिल की गई थी, जो ऑप्टिकल फाइबर क्षेत्र में पहले से ही उपलब्ध है. इस सफलता से देश ने बूटस्ट्रैपिंग के लिए सुरक्षित कुंजी हस्तांतरण की स्वदेशी तकनीक का प्रदर्शन किया गया. यह भी बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान मापदंडों को मापा गया है और रिपोर्ट किए गए अंतरराष्ट्रीय मानकों के भीतर 10 किलोहर्ट्ज तक की प्रमुख दरों पर दोहराव से पाया गया है।
पहले किया गया था ट्रायल
इससे पहले दिसंबर 2020 में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की ओर से विकसित की गई ‘क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन टेक्नोलॉजी’ (Quantum Key Distribution technology) को हैदराबाद में डीआरडीओ की दो प्रयोगशालाओं के बीच सफल ट्रायल किया गया था. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सुरक्षित समचार दर्शाने के लिए ये ट्रायल डीआरडीओ की दो प्रयोगशालाओं, डीआरडीएल और आरसीआई के बीच किए गए. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस क्यूकेडी कम्युनिकेशन के सफल प्रदर्शन के लिए डीआरडीओ को बधाई दी थी।















