भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी-सी52/ईओएस-04 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया, यह पीएसएलवी की 54वीं उड़ान है और 6 पीएसओएस-एक्सएल (स्ट्रैप-ऑन मोटर्स) के साथ पीएसएलवी-एक्सएल कॉन्फिगरेशन का इस्तेमाल करते हुए 23वां मिशन है…
बैंगलुरु (ए)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस साल के पहले प्रक्षेपण मिशन को सोमवार को लॉन्च कर दिया। सोमवार तड़के जैसे ही सुबह के 5:59 मिनट हुए, इसरो ने सैटेलाइट ईओएस-04 का प्रक्षेपण किया। यह प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी-सी52 के जरिये हुआ। इसके साथ ही दो अन्य छोटे सैटेलाइट भी अंतरिक्ष में भेजे गए हैं। इस मिशन की सफलतापूर्वक प्रक्षेपण के बाद सभी ने ताली बजाकर इसका स्वागत भी किया।
रडार इमेजिंग EOS-04 के साथ दो सैटेलाइट लांच- इस मिशन के तहत रडार इमेजिंग EOS-04 को अंतरिक्ष में भेजा गया है। 1,710 किलो वजनी ईओएस-04, अंतरिक्ष में 529 किलोमीटर के सूर्य समकालिक ध्रुवीय कक्षा में चक्कर लगाएगा। इसरो ने बताया कि ईओएस-04 राडार इमेजिंग सैटेलाइट है। इसका इस्तेमाल पृथ्वी की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें लेने में होगा। इनसे कृषि, वानिकी, पौधरोपण, मिट्टी में नमी, पानी उपलब्धता और बाढ़ ग्रस्त इलाकों के नक्शा को तैयार करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा दो अन्य सैटेलाइट को भी अंतरिक्ष में भेजा गया है।
#WATCH | Indian Space Research Organisation launches PSLV-C52/EOS-04 from Satish Dhawan Space Centre, Sriharikota
(Source: ISRO) pic.twitter.com/g92XSaHP9r
— ANI (@ANI) February 14, 2022
पीएसएलवी की 54वीं उड़ान- यह पीएसएलवी की 54वीं उड़ान है और 6 पीएसओएस-एक्सएल (स्ट्रैप-ऑन मोटर्स) के साथ पीएसएलवी-एक्सएल कॉन्फिगरेशन का इस्तेमाल करते हुए 23वां मिशन है। इसरो ने बताया कि भारत के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी52 ने आज सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से 06:17 बजे पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-04 को 529 किमी ऊंचाई पर की एक इच्छित सूर्य-तुल्यकालिक ध्रुवीय कक्षा में इंजेक्ट किया।
Launch of PSLV-C52/EOS-04 https://t.co/naTQFgbm7b
— ISRO (@isro) February 13, 2022
- इंस्पायर सेट-1: यह उपग्रह भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान तकनीक संस्थान ने कोलोराडो विश्विद्यालय के अंतरिक्ष भौतिक शास्त्र व वायुमंडलीय प्रयोगशाला के साथ तैयार किया है।
- आईएनएस-2टीडी : साथ प्रक्षेपित होने वाला यह दूसरा उपग्रह इसरो का ही है। इसे भारत व भूटान के संयुक्त उपग्रह आईएनएस-2वी के पहले विकसित कर भेजा गया है।















