रेलवे ने कहा है कि इस तरह की दिशाहीन गतिविधियां अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा हैं. यह ऐसे लोगों को रेलवे में भर्ती के अयोग्य बना देती हैं….
नईदिल्ली (ए)। बिहार में रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले अभ्यर्थियों की रेलवे में भर्ती पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जायेगा. रेल मंत्रालय इस पर विचार कर रहा है. एक सामान्य नोटिस में रेलवे ने कहा है कि इस तरह की दिशाहीन गतिविधियां अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा हैं. यह ऐसे लोगों को रेलवे में भर्ती के अयोग्य बना देती हैं. इस तरह की गतिविधियों के वीडियो का परीक्षण किया जायेगा।
एनटीपीसी के परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी के विरोध में प्रदर्शन
रेलवे की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल अभ्यर्थियों या नौकरी के इच्छुक अन्य लोगों की रेलवे में भर्ती पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जायेगा। ऐसे लोग अपने खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए खुद जिम्मेदार होंगे. अभ्यर्थियों ने रेलवे भर्ती बोर्ड के नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (आरआरबी एनटीपीसी) परीक्षा के परिणाम में कथित गड़बड़ी को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया था. यह विरोध प्रदर्शन सोमवार देर शाम तक जारी रहा।
5 लंबी दूरी की ट्रेनों को करना पड़ा रद्द
इसकी वजह से बिहार की राजधानी पटना में कम से कम 5 लंबी दूरी की ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि राजेंद्रनगर टर्मिनल पर पटरी के बाधित होने से कई ट्रेनों के मार्ग बदलने पड़े. अधिकारियों ने बताया कि रेलवे ने कोचिंग केंद्रों से संपर्क करके अभ्यर्थियों के बीच जागरूकता फैलाने की अपील की है।
1.25 करोड़ अभ्यर्थियों ने दी थी एनटीपीसी की परीक्षा
गौरतलब है कि एनटीपीसी की परीक्षा में करीब 1.25 करोड़ अभ्यर्थी शामिल हुए थे. परीक्षा के परिणाम इस महीने की शुरुआत में आये थे. रेलवे ने पहले कहा था कि वह 35,281 पदों को भरने पर विचार कर रहा है. इनमें से 13 श्रेणियों में 24,281 पद स्नातक के लिए थे और 6 श्रेणियों में 11,000 पद गैर-स्नातक के लिए थे।
Railway job aspirants found indulging in unlawful activities like protesting on railway tracks, disruption of train operations & damaging Railway properties may face lifetime debarment from obtaining Railway job, says Railway Ministry pic.twitter.com/lf0Ki53WM8
— ANI (@ANI) January 25, 2022
12वीं पास के लिए निकली थी ये नौकरियां
इन 13 श्रेणियों को सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के वेतनमान स्तर (स्तर 2, 3, 4, 5 और 6) के आधार पर पांच समूहों में विभाजित किया गया था. इन पदों में ट्रेन असिस्टेंट, गार्ड, जूनियर क्लर्क, समयपाल और स्टेशन मास्टर शामिल हैं. लेवल 2 की नौकरी पाने पर शुरुआती वेतन लगभग 19,000 रुपये है और इसके लिए कक्षा 12 पास होना आवश्यक है. स्टेशन मास्टर जैसे लेवल-6 के पद के लिए स्नातक होना जरूरी है, लेकिन शुरुआती वेतन लगभग 35,000 रुपये है।
लेवल2 की परीक्षा में उच्च योग्यता वाले भी हुए शामिल
उम्मीदवारों का आरोप है कि पिछले साल आयोजित कंप्यूटर आधारित टेस्ट-1 के दौरान लेवल 2 की परीक्षा में उच्च योग्यता वाले उम्मीदवार बैठे. एक अभ्यर्थी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘अगर ये उम्मीदवार ऐसी नौकरियों के लिए बैठते हैं, तो हम इन नौकरियों को पाने की कल्पना भी कैसे करेंगे, जो हमारे लिए हैं?’ अधिकारियों ने कहा कि समस्या यह है कि रेलवे उच्च योग्यता वाले उम्मीदवारों को कम योग्यता की आवश्यकता वाली परीक्षा में बैठने से नहीं रोक सकता है।















