नईदिल्ली (ए)। रूस ने तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (KNPP) में छठे रिएक्टर का निर्माण शुरू कर दिया है। 6 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद यह शुरुआत हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि रूसी परमाणु इंजीनियरिंग कंपनी एटमैश केएनपीपी में यूनिट नंबर 6 के लिए परमाणु रिएक्टर और स्टीम जनरेटर का निर्माण कर रही है। रूसी कंपनी रोसाटॉम कुडनकुलम संयंत्र के लिए टेक्नोलॉजी मुहैया करा रही है, जिसमें प्रत्येक में 1,000 मेगावाट क्षमता की 6 यूनिट्स हैं।
भारत और रूस शिखर सम्मेलन के दौरान थर्ड कंट्री पार्टनरशिप के लिए सहमत हुए। यह सहमति बांग्लादेश के एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र में उनकी सफल भागीदारी को देखते हुए बनी। केएनपीपी की पांचवीं और छठी पावर यूनिट्स के कॉन्ट्रैक्ट के तहत रूस दो परमाणु रिएक्टरों का निर्माण और आपूर्ति करेगा। इसमें भाप जनरेटर के दो सेट, रिएक्टर कूलेंट पंप सेट बॉडी, मेन सर्कुलेशन पाइपिंग, इमरजेंसी कोर कूलिंग सिस्टम टैंक, पैसिव कोर फ्लडिंग सिस्टम टैंक और दो प्रेशराइजर शामिल होंगे।
जून में शुरू हुआ पांचवीं परमाणु ऊर्जा यूनिट का निर्माण
पिछले जून में रूस ने कुडनकुलम में पांचवीं परमाणु ऊर्जा यूनिट का निर्माण शुरू किया। शिखर सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त बयान के अनुसार, “कई सालों से कुडनकुलम एनपीपी (परमाणु ऊर्जा संयंत्र) निर्माण परियोजना रूस और भारत के बीच सहयोग का प्रतीक है। हालांकि, जो पहले ही हासिल किया जा चुका है, हम उस पर रुकना नहीं चाहते हैं। रोसाटॉम के पास सभी सबसे विकसीत परमाणु ऊर्जा टेक्नोलॉजी है। अपने भारतीय सहयोगियों के साथ हम अत्याधुनिक जनरेशन III+ रूसी-डिजाइन के सीरियल कंस्ट्रक्शन, ज्वाइंट मैन्युफैक्चरिंग और कंपोनेंट्स के स्थानीयकरण को शुरू करने के लिए तैयार हैं।”
KNPP भारत का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा केंद्र
कुडनकुलम एनपीपी की यूनिट 3 और 4 के निर्माण के लिए जनरल फ्रेकवर्क एग्रीमेंट (जीएफए) पर हस्ताक्षर करने के बाद भारत और रूस ने एक ही साइट पर दो और यूनिट के निर्माण के लिए बातचीत शुरू की। जून 2017 में दोनों देशों ने 5 और 6 यूनिट के लिए GFA पर हस्ताक्षर किए। यूनिट 1 और 2 पहले से ही चालू हैं। केएनपीपी भारत का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा केंद्र है।















