कुल्हाड़ीघाट विशेष संरक्षित क्षेत्र है जो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के आने से दुनिया में जाना जाने लगा। आज से करीब 34 साल पहले 14 जुलाई 1985 को सोनिया गांधी के साथ राजीव गांधी जब छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए थे…
गरियाबंद। शनिवार को जिले के पुलिस अधीक्षक जेआर ठाकुर के मैनपुर थाना क्षेत्रांतर्गत नक्सल प्रभावित गांव कुल्हाड़ीघाट के लोगो से रूबरू हुए। कुल्हाड़ीघाट के लोगो से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और वहा के मूल निवासियों की जीवनचर्या रहन सहन के बारे में लंबी चर्चा की।कुल्हाड़ी घाट के युवाओं से मुलाकात कर खेल के प्रति रुचि के संबंध में जानकारी लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा की विगत कुछ दिनों में ग्राम कुल्हाड़ी घाट में सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत खेल कूद का आयोजन किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक ने भ्रमण के दौरान कुल्हाड़ीघाट कैम्प में निवासरत सीआरपीएफ, सीएएफ, तथा जिला बल के जवानों की समस्या के बारे में पुछताछ किये साथ ही साथ कैम्प में निवासरत पुलिस जवानो के द्वारा दैनिक उपयोगी सुविधाओं तथा कैम्प की साफ-सफाई का जायजा लिया।
पुलिस अधीक्षक द्वारा जवानों को स्वस्थ्य रहने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करने तथा अपने आस-पास की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिये। भ्रमण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी मैनपुर रूपेश डाडे, थाना प्रभारी मैनपुर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह उपस्थित रहे।
ज्ञात हो कि कुल्हाड़ीघाट विशेष संरक्षित क्षेत्र है जो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के आने से दुनिया में जाना जाने लगा। आज से करीब 34 साल पहले 14 जुलाई 1985 को सोनिया गांधी के साथ राजीव गांधी जब छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए थे तो गरियाबंद जिले के आदिवासी ग्राम पंचायत कुल्हाड़ी घाट जाकर वहां के लोगों से हालचाल लिया था और रात भर इस गांव में रुके थे।
इसी गांव की रहने वालीं बल्दी बाई के घर पर ही राजीव गांधी ने विश्राम किया था। बल्दी बाई के घर पर राजीव गांधी ने भोजन किया था और तेंदू फल खाए थे। बल्दी बाई ने राजीव को निर्मित बांस के हस्त शिल्प और कंदमूल भी भेंट किए थे।












