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घूस लेकर बदमाशों को छोड़ने के मामले में इंस्पेक्टर व कॉन्स्टेबल बर्खास्त, 09 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

डीजीपी मुख्यालय से भी इन आरोपों को लेकर जांच प्रारम्भ करायी गई थी।,एडीजी इंटेलीजेंस ने भी मामले में रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों से ली थी…

लखनऊ (ए)। नोएडा पुलिस कमिश्नर ने भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। डीसीपी क्राइम की जांच रिपोर्ट के बाद एसओजी के प्रभारी और एक हेड कांस्टेबल को दोषी मानते हुए पुलिस सेवा से तत्काल बर्खास्त कर दिया गया है। जिले की पूरी एसओजी टीम को बर्खास्त कर उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने बताया कि एक दिन पूर्व गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में एटीएम हैकर का एक गिरोह पकड़ा गया था। जिन्होंने खुलासा किया था कि उन्हें कुछ समय पहले नोएडा में एसओजी की टीम ने पकड़ा था और एक कार व 20 लाख रुपये लेकर छोड़ दिया था। इस मामले में उन्होंने डीसीपी क्राइम अभिषेक को जांच सौंपी थी। अभिषेक से 24 घंटे में जांच रिपोर्ट तलब की गई थी। इस जांच रिपोर्ट के आने के बाद एसओजी के तत्कालीन प्रभारी शावेज खान और हैड कांस्टेबल अमरीशकांत यादव को तत्काल पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिले की पूरी एसओजी टीम को भंग कर लाइन हाजिर कर दिया गया है। जिसमें एक दारोगा, तीन हैड कांस्टेबल और पांच कांस्टेबल लाइन हाजिर किए गये हैं। पुलिस कमिश्नर के द्वारा तत्काल की गई इस कार्रवाई से जिले के पुलिस कर्मियों में हड़कम्प मचा है।

अभी जारी है जांच: लव कुमार
अपर आयुक्त कानून और व्यवस्था लव कुमार ने कहा कि इस मामले में अभी जांच जारी है और आगे की जांच में यदि किसी और पुलिसकर्मी की कोई संलिप्तता निकलती है या कुछ और मामला पकड़ में आता है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अपने ऐसे कामों से पूरे विभाग को शर्मसार करने वाले पुलिसकर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

संपत्ति की जांच के भी दिए आदेश
पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने इस मामले में एसओजी की टीम में शामिल सभी पुलिस कर्मियों की संपत्ति की जांच करने के भी आदेश जारी कर दिए हैं। यदि इन पर आय से अधिक संपति की पुष्टि होती है तो इस मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।

नई एसओजी का होगा गठन
कमिश्नर ने अपर आयुक्त कानून और व्यवस्था लव कुमार को साफ छवि वाले कर्मठ पुलिसकर्मियों का कमिश्नरी से चयन कर एसओजी की नई टीम बनाने के भी निर्देश दिए गये हैं।

इंदिरापुरम थाने में दो घंटे की थी डीसीपी क्राइम ने पूछताछ
इस मामले की जांच का जिम्मा संभाल रहे डीसीपी क्राइम अभिषेक ने मंगलवार को इंदिरापुरम थाने में जाकर दो घंटे तक गिरफ्तार किए गये एटीएम हैकर से पूछताछ की थी और एसओजी कर्मियों के भी बयान लिए थे। जिसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट तैयार कर पुलिस कमिश्नर को सौंपी थी।

पांच लोगों की सीडीआर और लोकेशन निकलवा रही पुलिस टीम
आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद अब पुलिस की टीम एक इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबल समेत पांच लोगों की सीडीआर और घटना वाले दिन की मोबाइल की लोकेशन भी निकलवा रही है. जिससे आरोपों को लेकर अधिक साक्ष्य जुटाये जा सकें। घटना वाले दिन की विभिन्न इलाकों की सीसीटीवी फुटेज भी निकाली जाएगी। पुलिस के द्धारा एटीएम हैकर के मोबाइल की भी पूरी डिटेल हासिल की जा रही है, जिससे यह भी पता लग सकेगा कि वह किन-किन पुलिस कर्मियों के संपर्क में रहा है।

गौर सिटी के पास स्थित एटीएम से भी निकाले थे एक लाख
पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों के द्वारा नोएडा में भी एटीएम को हैक कर पैसे निकाले जाते थे और कुछ समय पूर्व उन्होंने गौर सिटी के पास स्थित एक एटीएम को हैक कर भी एक लाख रुपये निकाले थे। जिस घटना की भी सीसीटीवी फुटेज निकाली जा रही है।

यह है मामला
इंदिरापुरम थाने की पुलिस के द्धारा एक दिन पूर्व एटीएम हैक करने वाले एक गिरोह को पकड़ा गया था। जिनसे हुई पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उन्हें करीब तीन माह पहले नोएडा में भी पुलिस की एक टीम ने पकड़ा था। लेकिन उन्हें बीस लाख रुपये, एक क्रेटा कार और एटीएम हैक करने वाली डिवाइस लेकर छोड़ दिया गया था। जिस खुलासे के बाद नोएडा पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी क्राइम को इन आरोपों की जांच का जिम्मा सौंपा था। डीजीपी मुख्यालय से भी इन आरोपों को लेकर जांच प्रारम्भ करायी गई थी। एडीजी इंटेलीजेंस ने भी मामले में रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों से ली थी।

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