BREAKING

छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाईफीचर्डसाक्षात्कार

लक्ष्य से बिना डाइवर्ट हुए अगर कोई मेहनत करता है तो उसे सफलता मिल जाती है: IPS जितेन्द्र यादव

IPS जितेन्द्र कुमार यादव एक, दो बार नही तीन बार यूपीएससी की परीक्षा पास किये है, चिकित्सा विभाग, आबकारी विभाग और जीएसटी विभाग में दे चुके है अपनी।सेवाएं…
दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। सिविल सर्विसेज एक्जाम्स की तैयारी कर रहे युवा आईपीएस बनने का सपना संजोये परीक्षा में भाग लेते है लेकिन उनका सपना तब साकार होता है जब वह उस स्तर की तैयारी करते हुए सफल होते है। देश के उच्चस्तरीय परीक्षाओं में से एक सिविल सर्विसेज की परीक्षा होती है इसमें सभी को सफलता मिले यह जरूरी नही लेकिन जो मन मे ठान ले और लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत करे तो सफलता उसके कदम चूमती है। सिविल सर्विसेज की परीक्षा को पास करना ही अपने आप मे एक बड़ी उपलब्धि होती है क्योंकि इसमें देशभर के हजारों प्रतिभागी भाग लेते है। हम आपको एक ऐसे युवा आईपीएस अफसर से रूबरू करवा रहे है जिसमे एक, दो बार नही तीन बार यूपीएससी की परीक्षाओं को पास कर छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है। वर्तमान में वह नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग के पद पर पदस्थ जितेंद्र कुमार यादव ने यह कारनामा कर दिखाया है।
आईपीएस जितेंद्र यादव छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला के पत्थलगांव विकास खंड के पाकरगांव से है। यह एक किसान परिवार से है। इनकी प्रारंभिक, माध्यमिक तथा हाई स्कूल की परीक्षा गांव में ही हुई, इनके बाद यह हायर सेकेंडरी तक की परीक्षा नवोदय विद्यालय, रायगढ़ से पूरी हुई। इनका चयन वेटनरी विश्वविद्यालय, तमिलनाडु के लिए हुआ। वर्ष 2013 में यह वेटनरी डॉक्टर बने और यूपीएससी की तैयारियों में जुट गए परन्तु यूपीएससी की तैयारियों में पैसे की जरूरत पड़ने लगी और इसी दौरान इनके पिताजी की तवियत ठीक नही होने के कारण उनके भी इलाज में पैसे खर्च होने लगा। ऐसी स्तिथि में इनके भाइयों ने इनके पढ़ाई का खर्च उठाया। पढ़ाई में शुरू से ही अव्वल रहने वाले और सिविल सर्विसेज का सपना देखने वाले जितेन्द्र यादव ने जल्द ही सफलता का स्वाद चखा और वर्ष 2014 में यूपीएससी के अपने पहले ही प्रयास में 349वीं  रैंक प्राप्त कर आईआरएस के लिए चयनित हुए और हरियाणा के रोहतक में बतौर सहायक आयुक्त, जीएसटी तीन वर्षों तक अपनी सेवाएं दी। अपने मेहनत को आगे बढाते हुए इन्होंने वर्ष 2017 के यूपीएससी में 170वीं और वर्ष 2019 की यूपीएससी में पुनः 370वीं रैक हासिल कर आईपीएस के लिए चयनित हुए।
इन्हें होम कैडर छत्तीसगढ़ मिला और ट्रेनिंग के पश्चात बतौर प्रशिक्षु बलौदा बाजार जिला में पदस्थ किया गया। प्रशिक्षु आईपीएस के दौरान यह भाटपारा थाना प्रभारी भी रहे। इनके उपरांत सितम्बर में इन्हें मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के जिले के नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे यह जिम्मेदारी के साथ निभा रहे है।
बैडमिंटन और बुक रीडिंग में विशेष रुचि रखने वाले आईपीएस जितेंद्र यादव मद्रास विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट है और यह छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग और दिल्ली में पशु चिकित्सा विभाग में भी अपनी सेवाएं दे चुके है। इनके दो भाई है बड़े भाई नरेंद्र यादव टीचर है तथा मंझले भाई संजय यादव छत्तीसगढ़ पुलिस में सब इंस्पेक्टर है और सुकमा में पदस्थ है।
सरनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत करते हुए आईपीएस जितेंद्र यादव ने कहा कि किसी भी युवा के लिए उनका पहला स्कूल उनका परिवार और टीचर माता-पिता होते हैं, इसलिए परिवार को अपने बच्चे को सही संस्कार देना चाहिए, आज के बच्चों संस्कार देना बहुत जरूरी है। युवा पीढ़ी ही हमारे देश का भविष्य है यदि माता-पिता बच्चों को सही शिक्षा देंगे एवं सामाजिक रूप से एक अच्छा इंसान बनाने की कोशिश करेंगे तो निसंदेह समाज के अपराधों में कमी आएगी, आधुनिक होते समाज में कहीं ना कहीं परिवार के लोग एक दूसरे को वक्त नहीं दे पाते लेकिन अपने बच्चों को वक्त देना एवं सही संस्कार देना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अब दिनोंदिन सायबर अपराध के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है इसके लिए सभी को सावधान रहना अति आवश्यक है, इसके लिए दुर्ग पुलिस की तरफ से सायबर संगी कार्यक्रम चलकर साइबर से जुड़े अपराधों की जागरूकता के लिए लगातार काम कर रही है।
आज युवाओं को नशा और अन्य गलत लत से भी दूर रहना चाहिए, यह हमारे समाज के लिए बहुत घातक है। इससे समाज गलत दिशा में जाता है। कई अपराधों का मुख्य नशा होता है।
यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा को सफलता का टिप्स देते हुए आईपीएस जितेन्द्र यादव ने कहा कि यूपीएससी की परीक्षा लांग जर्नी की तरह है इसमें हार्ड वर्क और पेशेंस की बहुत आवश्यक होती है। जब आप तैयारी में लगे हुए है उतना देर तक आपको अपना मोटिवेशन बनाकर रखना पड़ता है। यूपीएससी की तैयारी थोड़ा डिफरेंट होता है, इसका सिलेबस अलग होता है और इसमें कॉम्पटीशन ज्यादा है। तैयारी करने वाले अपना माइंडसेट कर तैयारी करें। लक्ष्य से बिना डाइवर्ट हुए अगर कोई मेहनत करता है तो उसे सफलता मिल जाती है।

Related Posts