सर्च इंजन गूगल में विज्ञापन देकर ठगी करने के मामले में देवघर के विभिन्न थाना क्षेत्र से 11 साइबर क्रिमिनल्स को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने गिरफ्तार साइबर क्रिमिनल्स के पास से मोबाइल, सिम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, एटीएम समेत करीब 48 हजार रुपये भी बरामद किया है।
रांची (ए)। झारखंड का देवघर जिला साइबर क्रिमिनल्स का सेफ जोन बनता जा रहा है. यहां से साइबर क्रिमिनल्स द्वारा हर दिन ठगी का मामला सामने आता है. ताजा मामला सोशल मीडिया गूगल सर्च इंजन में विज्ञापन देकर ठगी करने का है. देवघर की साइबर थाने की पुलिस ने जिला के देवीपुर, मधुपर, पाथरौल व मारगोमुंडा थाना क्षेत्र में छापामारी कर 11 साइबर क्रिमिनल्स को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार साइबर क्रिमिनल्स के पास कई सामान भी पुलिस ने बरामद किया है. यह जानकारी साइबर डीएसपी सुमित प्रसाद ने पत्रकारों को दी।
बताया गया कि गिरफ्तार साइबर क्रिमिनल्स सोशल मीडिया गूगल सर्च इंजन में विज्ञापन देकर अपना नंबर कस्टमाइज्ड करते हैं. इसके बाद उस पर फोन करने वाले लोगों को झांसा देकर ठगी कर रहे हैं. इस मामले में साइबर थाने की पुलिस ने देवीपुर, मधुपुर, पाथरौल व मारगोमुंडा थाना क्षेत्र के चार गांवों में छापेमारी कर 11 साइबर क्रिमिनल्स को गिरफ्तार किया है. इसके पास से पुलिस ने 48,000 रुपये नकद सहित 16 मोबाइल, 28 सिम कार्ड, 16 पासबुक, एक चेकबुक व 6 एटीएम कार्ड बरामद किया है।
साइबर डीएसपी सुमित प्रसाद ने कहा कि एसपी धनंजय कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि साइबर ठग देवीपुर थाना क्षेत्र के कर्णपुरा, मधुपुर थाना के बावनबीघा, पाथरौल थाना क्षेत्र के रंगासिरसा व मारगोमुंडा थाना क्षेत्र के पंचरूखी गांव में जुटे हैं. इसके बाद पुलिस ने उक्त इलाके में छापेमारी कर 11 साइबर क्रिमिनल्स को गिरफ्तार किया।
11 साइबर क्रिमिनल्स हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार साइबर क्रिमिनल्स में पिंटू कुमार दास, रोहित दास, निताय दास, सिद्धार्थ दास, अजय दास, भूदेव दास, धर्मेंद्र दास, आजाद दास, शब्बीर अंसारी, अरबाज अंसारी व अनाउल अंसारी मुख्य है. इसमें साइबर क्रिमिनल्स धर्मेंद्र व आजाद का है आपराधिक इतिहास रहा है।
साइबर डीएसपी श्री प्रसाद ने कहा गिरफ्तार साइबर क्रिमिनल धर्मेंद्र दास वर्ष 2017 में नगर थाना के साइबर ठगी के मामले में दर्ज कांड संख्या 519/17 का आरोपी है, जबकि आजाद दास को गुजरात पुलिस गिरफ्तार कर अपने साथ ले गयी थी. फिलहाल वह बेल पर है तथा ट्रायल चल रहा है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी ठगी को घटना को अंजाम देने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. साइबर ठग सर्च इंजन में अपना नंबर एड कर रखे हुए हैं. उसके बाद नंबर को कस्टमाइज्ड कर कस्टमर अधिकारी बनकर लोगों को झांसा देकर ठगी करते हैं. इसके अलावा फोन पे कस्टमर को कैश बैक का रिक्वेस्ट भेजकर ठगी करते हैं।
छापेमारी दल में थे शामिल
छापेमारी दल में पुलिस इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी सुधीर पोद्दार, इंस्पेक्टर महेंद्र दास, महिला पुलिस इंस्पेक्टर संगीता कुमारी, एसआइ रूपेश कुमार, आतिश कुमार, अनूप पीटर कुजूर, हरिश कुमार सिंह सहित सशस्त्र जवान शामिल थे।















