नईदिल्ली (ए)। वित्त मंत्रालय ने केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को एयर इंडिया को अपना बकाया तुरंत चुकाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के अधिकारियों को अगली सूचना तक एयर इंडिया के टिकट नकद में खरीदने के लिए कहा गया है। मतलब ये कि अब केंद्र सरकार के अधिकारी को भी टिकट के लिए अपनी जेब से पैसे देने होंगे। अब तक सरकार इस खर्च का वहन करती थी। बता दें कि करीब 13 साल से एयर इंडिया से सफर पर अधिकारियों के खर्च का वहन केंद्र सरकार करती आ रही है।
मेमोरेंडम भी जारी: इस बारे में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने एक मेमोरेंडम जारी किया है। मेमोरेंडम में कहा गया है, “हाल ही में, भारत सरकार ने एयर इंडिया का विनिवेश करने का निर्णय लिया है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के विनिवेश की प्रक्रिया जारी है।
एयर इंडिया ने हवाई टिकट खरीदने पर क्रेडिट सुविधा देना बंद कर दिया है। इसलिए सभी मंत्रालयों/विभागों को एयर इंडिया का बकाया तुरंत चुकाने का निर्देश दिया जाता है। एयर इंडिया से हवाई टिकट अगले निर्देश तक नकद में खरीदे जा सकते हैं।”
Finance Ministry directs all ministries & departments of Central Govt to clear dues of Air India & purchase tickets from the airline in cash; says Air India, in which Govt recently disinvested its stake, has stopped extending credit facility on account of air ticket purchase pic.twitter.com/bCMTVOG1zm
— ANI (@ANI) October 27, 2021
बता दें कि सरकार ने एयर इंडिया में अपनी समूची हिस्सेदारी बेच दी है। एयर इंडिया की नई खरीदार कंपनी टाटा ग्रुप है। टाटा ग्रुप को 18 हजार करोड़ रुपए में एयर इंडिया की कमान मिलेगी। हालांकि, डील की प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी होने की उम्मीद है। आंकड़ों के मुताबिक 31 अगस्त तक एयर इंडिया पर कुल 61,562 करोड़ रुपये का कर्ज था।















