BREAKING

दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

इस्पात कर्मचारी को-ऑपरेटिव बैंक में अवकाश के दिन भी बंटा लाभांश: पूर्व अध्यक्ष सुरेश चंद ने कहा- संस्था में दलालों का प्रवेश बंद कर पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त किया

भिलाई। रविवार 24 अक्टूबर को अवकाश के दिन भी इस्पात कर्मचारी को -ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी बैंक, सेक्टर-छह के सदस्यों को लाभांश का वितरण किया गया। अवकाश के दिन भी लाभांश लेने के लिए सदस्य बैंक आये थे। त्योहार के पूर्व लाभांश मिलने से बैंक के सदस्यों के चहरे पर खुशी थी। इस पर चर्चा करते हुए इस्पात को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष एवं भिलाई जिला सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुरेश चंद ने बताया कि उनके अध्यक्ष पद का कार्यकाल पूरा हो जाने के कारण और चुनाव नही हो पाने के कारण सरकार ने बैंक में प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है और वर्तमान में उनके देखरेख में बैंक का कार्य चल रहा है।

चर्चा करते हुए पूर्व अध्यक्ष सुरेश चंद ने अपने कार्यकाल के दौरान बैंक और उनके सदस्यों के हित मे किये गए कार्यो को बताते हुए कहा कि संस्था मुख्यालय में सदस्यों के खातों का कम्प्यूटरीकरण, संस्था के सदस्यों को नियमित ऋण सीमा 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख किया गया। संस्था के सदस्यों के सुविधा हेतु आकस्मिक ऋण सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 2 (दो) लाख किया गया। ऋण राशि की पात्रता हेतु वाँछित अमानत राशि एवं अंशपूजी की राशि नगद न जमा कराकर ऋण राशि में ही समायोजन कर सदस्यों को अनावश्यक परेशानी से बचाना।

संस्था के सदस्यों से जमानतदायित्व की वसूली बंद कर ऋणी सदस्यों से न्यायालय द्वारा ऋण वसूली, संस्था के सदस्यों के सुविधा हेतु रविवार को भी संस्था मुख्यालय कार्यालय खोलना यानी सप्ताह में सातों दिन में दिवस। संस्था में दलालों का प्रवेश बंद कर संस्था को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त करना। संस्था के सदस्यों को एक दिन में नियमित ऋण का भुगतान। संस्था मुख्यालय भवन के अंदर एवं बाहरी हिस्से का संधारण मरम्मत एवं रंग रोगन।

संस्था कार्यालय भवन के जगह-जगह से टूटे हुए बिजली के कार्य को सम्पूर्ण रूप से व्यवस्थित वायरिंग करना। संस्था के कर्मचारियों को ड्रेस-कोड एवं पहचान पत्र अनिवार्य किया गया। संस्था सदस्यों को न्यूनतम प्रीमियम दर पर दुर्घटना बीमा साप्ताहिक क्षति पूर्ति रू दो हजार प्रति सप्ताह से रू. तीन हजार एवं मृत्यु पर क्षतिपूर्ति रू तीन लाख से बढाकर चार लाख किया गया। संस्था के सदस्यों के त्वरित कार्य हेतु संस्था कर्मचारियों के कार्यक्षमता विस्तार बावत् प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन।

संस्था के कर्मचारियों के ग्रेज्युटी की सीमा 3,50,000 (तीन लाख पचास हजार) से बढाकर 15,00,000 (पंद्रह लाख) किया गया। संस्था के बैंकों में जमा सावधि जमा (फिक्स डिपोजिट) को रू.0 से 23 करोड़ तक पहुचाना। संस्था के पावर हाउस शाखा एवं नंदिनी शाखा कार्यालय को सुविधाजनक स्थान पर स्थापित किया गया। संस्था के डूबत एवं कालातीत ऋण राशि रू. 5 करोड़ 97 लाख 82 हजार छह सौ एक का वसूली करना। संस्था के सदस्यों को सेवानिवृत्ति पश्चात विदाई सम्मान की परम्परा शुरू की गई तथा संस्था अध्यक्ष एवं संचालन मण्डल द्वारा विगत पांच वर्षों में एक भी अनावश्यक टूर प्रोग्राम न कर संस्था की निधियों को दुरुपयोग को रोका गया। यहां देखे वीडियो👇

https://youtu.be/co2601M1KrE

Related Posts