9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सभी वयस्क को वैक्सीन की एक डोज लग चुकी है. टॉप पांच राज्यों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और मध्य प्रदेश शामिल है।
नईदिल्ली (ए)। देश ने एक दिन पहले ही कोरोना वैक्सीनेशन के 100 करोड़ के आंकड़े को पार किया है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संबोधित किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, 100 करोड़ वैक्सीन डोज केवल एक आंकड़ा ही नहीं, ये देश के सामर्थ्य का प्रतिबिंब भी है. इतिहास के नए अध्याय की रचना है. ये उस नए भारत की तस्वीर है, जो कठिन लक्ष्य निर्धारित कर, उन्हें हासिल करना जानता है।
पीएम मोदी ने कहा, ‘आज कई लोग भारत के वैक्सीनेशन प्रोग्राम की तुलना दुनिया के दूसरे देशों से कर रहे हैं. भारत ने जिस तेजी से 100 करोड़ का, 1 बिलियन का आंकड़ा पार किया, उसकी सराहना भी हो रही है. लेकिन, इस विश्लेषण में एक बात अक्सर छूट जाती है कि हमने ये शुरुआत कहां से की. जब 100 साल की सबसे बड़ी महामारी आई, तो भारत पर सवाल उठने लगे. क्या भारत इस वैश्विक महामारी से लड़ पाएगा? भारत दूसरे देशों से इतनी वैक्सीन खरीदने का पैसा कहां से लाएगा? भारत को वैक्सीन कब मिलेगी? भारत के लोगों को वैक्सीन मिलेगी भी या नहीं? क्या भारत इतने लोगों को टीका लगा पाएगा कि महामारी को फैलने से रोक सके? भांति-भांति के सवाल थे, लेकिन आज ये 100 करोड़ वैक्सीन डोज, हर सवाल का जवाब दे रही है।’
वैक्सीनेशन अभियान पर VIP कल्चर हावी नहीं होने दिया”
पीएम मोदी ने कहा, “सबको साथ लेकर देश ने ‘सबको वैक्सीन-मुफ़्त वैक्सीन’ का अभियान शुरू किया. गरीब-अमीर, गांव-शहर, दूर-सुदूर, देश का एक ही मंत्र रहा कि अगर बीमारी भेदभाव नहीं करती, तो वैक्सीन में भी भेदभाव नहीं हो सकता! ये सुनिश्चित किया गया कि वैक्सीनेशन अभियान पर VIP कल्चर हावी न हो. भारत ने अपने नागरिकों को 100 करोड़ वैक्सीन डोज लगाई है और वो भी बिना पैसा लिए. 100 करोड़ वैक्सीन डोज का एक प्रभाव ये भी होगा कि अब दुनिया भारत को कोरोना से ज्यादा सुरक्षित मानेगी.”
पीएम मोदी ने आगे कहा, हमने महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई जन भागीदारी को अपनी पहली ताकत बनाया. देश ने अपनी एकजुटता को ऊर्जा देने के लिए ताली, थाली बजाई, दीए जलाए तब कुछ लोगों ने कहा था कि क्या इससे बीमारी भाग जाएगी? लेकिन हम सभी को उसमें देश की एकता दिखी, सामूहिक शक्ति का जागरण दिखा. हमारे देश ने कॉविन प्लेटफॉर्म की जो व्यवस्था बनाई है, वो भी विश्व में आकर्षण का केंद्र है. भारत में बने कॉविन प्लेटफॉर्म ने न केवल आम लोगों को सहुलियत दी, बल्कि मेडिकल स्टाफ के काम को भी आसान बनाया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधित करते हुए कहा कि 100 करोड़ वैक्सीनेशन पूरे देश की सफलता है. उन्होंने शुक्रवार की सुबह कहा कि एक दिन में एक करोड़ टीका देश ने पार किया, यह टेक्नोलॉजी के बेहतर प्रबंधन का नतीजा है, जो बड़े-बड़े देशों के पास नहीं है. उन्होंने कहा कि 100 करोड़ वैक्सीनेशन का आंकड़ा देश ने पार किया है, इसकी सराहना हो रही है।
आइये जानते हैं पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा-
1-भारत के वैक्सीन अभियान की तुलना नहीं की जा सकती है. सवाल उठा कि भारत क्या कोरोना महामारी से लड़ पाएगा? भारत को वैक्सीन कब मिलेगी? भारत को वैक्सीन मिलेगी भी या नहीं? क्या भारत इतने लोगों को टीका लगा पाएगा?
2-भारत ने जिस तेजी से सौ करोड़ का आंकड़ा पार किया है उसकी सरहाना भी हो रही है. लेकिन इस विश्लेषण में एक बात छूट जाती है कि हमने इसकी शुरुआत कहां से की है. भारत अधिकतर दुनिया के दूसरे देशों की बनाई वैक्सीन पर निर्भर रहते थे।
3-भारत का पूरा वैक्सीनेशन प्रोग्राम विज्ञान की कोख में पनपा है. हम सभी के लिए यह गर्व करने की बात है. वैक्सीन बनने से पहले और वैक्सीन लगने तक इस पूरे अभियान में साइंस और साइंटिफिक एप्रोज शामिल रहा है. कोरोना महामारी के समय से आशंका व्यक्त की जा रही थी कि भारत को बड़ा मुश्किल होगा।
4-भारत के लोगों के लिए यह भी कहा जा रहा था कि इतना संयम, इतना अनुशासन यहां पर कैसे चलेगा? लेकिन हमारे लिए लोकतंत्र का मतलब है सबका साथ।
5-गरीब, अमीर, गांव, शहर दूर सदूर देश का एक ही मंत्र रहा, अगर बीमारी भेदभाव नहीं करती तो वैक्सीन में भेदभाद वहीं हो सकता।
6-भारत के लोगों ने 100 करोड़ वैक्सीन डोज लेकर ऐसे लोगों को निरूत्तर कर दिया है।
7-वैक्सीनेशन पर कोई वीआईपी कल्चर नहीं है. ताली-थाली से देश एकजुट दिखा।
8-आज भारतीय कंपनियों में ना सिर्फ निवेश हो रहा है बल्कि युवाओं के लिए अवसर भी बन रहे हैं।
9-कोविन प्लेटफॉर्म दुनिया में मिसाल कायम किया है।
10-कोरोना काल में कृषि क्षेत्र ने देश की अर्थव्यवस्था को बरकरार रखा।















