नईदिल्ली (ए)। लड़की के संबंधों पर आपत्ति जताते हुए परिवार के कहने पर पुलिस द्वारा लड़के के खिलाफ यौन उत्पीड़न के प्रावधान लगाने के चलन को लेकर चिंता प्रकट करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून (POCSO Act) का दुरुपयोग हो रहा है। हाईकोर्ट ने एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपी 21 वर्षीय युवक को जमानत देते हुए कहा कि वह उन दोनों (युवक-लड़की) के बीच दोस्ती से इनकार नहीं कर सकता है। साथ ही, कहा कि ऐसा लगता है कि एफआईआर लड़की के परिवार के कहने पर दर्ज की गई, जो उसके गर्भवती होने के बारे में जानकारी मिलने पर शर्मिंदगी महसूस कर रहा था। आरोपी ने लड़की के साथ प्रेम संबंध रहने का दावा किया था।
हाईकोर्ट ने कहा कि आपसी सहमति से यौन संबंध कानून के अस्पष्ट क्षेत्र में है क्योंकि नाबालिग (लड़की) द्वारा दी गई सहमति को कानून की नजरों में वैध सहमति नहीं कहा जा सकता है। यहां यह सवाल उठता है कि याचिकाकर्ता (युवक) को जमानत दी जानी चाहिए, या नहीं। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण चलन बन गया है कि पुलिस लड़की के परिवार के कहने पर पॉक्सो के मामले दर्ज कर रही है, जिसने युवक से उसकी दोस्ती और प्रेम प्रसंग पर आपत्ति जताई थी। इस तरह, कानून के प्रावधान का दुरुपयोग किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि युवक और लड़की की उम्र, दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की ओर इंगित करने वाली तस्वीरें और मेडिकल रिपोर्ट दर्ज किए जाते समय बयानों में विसंगतियां, एफआईआर, ये सभी ऐसे तथ्य हैं जो आरोपी को जमानत देने की ओर ले जाते हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि समाज में शर्मिंदगी से बचने और गर्भपात कराने के लिए इस एफआईआर के दर्ज कराए जाने ने इसे यौन शोषण का रूप दिया और इसे पॉक्सो कानून के दायरे में ला दिया।कोर्ट ने इस बात का जिक्र किया कि लड़की को युवक को जमानत मिलने से कोई आपत्ति नहीं है। अदालत ने कहा कि वे दोनों ही तकरीबन हमउम्र हैं और इस तथ्य की अनदेखी नहीं की जा सकती कि आरोपी सिर्फ 21 साल का है, जिसका अभी पूरा जीवन शेष है। अदालत को बताया गया कि जमानत पर रिहा होने के बाद व्यक्ति उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में अपने माता-पिता के पास रहेगा और उसके पते का अभियोजन ने सत्यापन किया है।
अदालत ने युवक को 50,000 रुपये का एक निजी मुचलका और इतनी ही रकम की दो जमानत देने तथा अदालत में हाजिर होने के अलावा जिले से बाहर नहीं जाने का निर्देश दिया। एफआईआर के मुताबिक, लड़की ने शिकायत की थी कि वह 16 वर्ष की है और पिछले साल जनवरी में 12वीं कक्षा की छात्रा थी तथा युवक उसका पीछा किया करता था और उससे दोस्ती करने का उसे प्रस्ताव दिया था, लेकिन उसने इनकार कर दिया था।
दूसरी ओर, जमानत का अनुरोध कर रहे आरोपी का कहना था कि स्कूल में ही उसकी इस लड़की से दोस्ती हो गई थी और इस लड़की की उम्र 18 साल और उसकी उम्र 21 साथ थी। आरोपी का यह भी कहना था कि शिकायतकर्ता को उसके परिवार के सदस्यों ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए डराया-धमकाया है।















