दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। साक्षात्कार की कड़ी इस बार हम आपको एक ऐसे शख्स से रूबरू करवा रहे है जो हँसमुख, मिलनसार, शांतप्रिय स्वभाव एवं व्यक्तित्व के धनी है, जिनके नाम एक अद्भुत रिकार्ड दर्ज हो चुका है। वह शख्स छत्तीसगढ़ कैडर के 2004 बैच के सीनियर आईपीएस ऑफिसर बद्री नारायण मीणा है जो छत्तीसगढ़ के सबसे ज्यादा जिलों के पुलिस अधीक्षक बनने का एक अदभुत रिकार्ड अपने नाम कर चुके है। वह छत्तीसगढ़ के 8 जिलों के पुलिस अधीक्षक रह चुके है और उनका 9वां जिला दुर्ग है और दुर्ग जिले के वे 17वें पुलिस अधीक्षक है। सितम्बर में छत्तीसगढ़ शासन ने एसएसपी बद्री नारायण मीणा को मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के गृह जिले का पुलिस अधीक्षक की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है जिसे यह जिम्मेदारी के साथ निभा रहे है। सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में इन्होंने अपने अब तक के सफर को समझे साझा किया।
एसएसपी बद्री नारायण मीणा मूलत: राजस्थान से है। इनका जन्म जयपुर जिला के तहसील बस्सी के गावँ चैनपुर में हुआ था। इनकी प्रारंभिक, माध्यमिक और हाईस्कूल तक कि शिक्षा गावं में ही हुई। हायरसेकंडरी की शिक्षा इन्होंने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोद्दा से प्राप्त की। राजस्थान कॉलेज से इन्होंने आट्र्स (इंग्लिश साहित्य) में स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद यूपीएससी की तैयारियो में जुट गए। अपने लग्न और मेहनत के कारण इनको अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी एग्जाम में सफलता का स्वाद चखा और इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्री सर्विसेज में इनका चयन हुआ। इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की जॉब ज्वाइंन कर ली और डेढ़ साल तक वहां अपनी सेवाएं दी। इसके बाद इन्होंने पुन: यूपीएससी की तैयारियां जारी रखी और अपने तीसरे ही प्रयास में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के लिए चयनित हुए। इन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला, हैदराबाद ट्रेनिंग के बाद यह छत्तीसगढ़ आये और इन्हें बतौर प्रशिक्षु सरगुजा जिला में पदस्थ हुआ।उसके बाद यह एसडीओपी वाड्रफनगर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रहे।
बतौर पुलिस अधीक्षक इनकी पहली पोस्टिंग जिला बलरामपुर रहा जहां इन्होंने डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी। उसके बाद यह कवर्धा, राजनांदगांव, जगदलपुर, कोरबा, बिलासपुर, रायपुर तथा रायगढ़ जिले के पुलिस कप्तान रहे। वर्ष 2018 में इनका प्रमोशन हुआ और यह डीआईजी बनकर रायपुर पुलिस मुख्यालय में पदस्थ हुए। जून 2018 में यह डेपुटेशन पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (गृह मंत्रालय, भारत सरकार) दिल्ली गए। वहां 03 वर्षो तक अपनी सेवाएं देने के बाद यह पुन: छत्तीसगढ़ वापस आकर कुछ दिनों के लिए जांजगीर चांपा के प्रभारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर रहे। सितम्बर 2021 में सरकार ने दुर्ग जिले की कमान सौंपी है।
एसएसपी बद्री नारायण मीणा ने बताया कि वह अपने बड़े भाई के प्ररेणा और मार्गदर्शन से आईपीएस बने। स्कूल के दिनों को याद करते हुए एसएसपी ने बताया कि हम युवाओं की स्पोट्र्स टीम हुआ करती थी जो आप भी है और यह टीम गांव और आस पास के गांव के लोगो को शिक्षा, खेल, चिकित्सा और मूलभूत सुविधाओं के लिए जागरूक करते है,जिससे कि वहां हर चीज की जानकारी उपलब्ध हो जाती है। पहले के समय मे अपराध बहुत कम हुआ करते थे, हम वहां महीनों, वर्षो बाद पुलिस को देख पाते थे, उस वक्त सामाजिक बुराइयां कम थी, नशा, जुआ, सट्टा आदि ये सब ना के बराबर हुआ करती थी, जिसके कारण अपराध कम होते थे और गांव के लोग भी अपनी जिम्मेदारियो का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करते थे।
युवा देश के भविष्य है, उन्हें हमेशा अपने लक्ष्य पर फोकस करना चाहिये जब तक कि सफलता ना मिले।
आज के युवाओं के पास कैरियर बनाने के लिए बहुत से विकल्प है। उन्हें अपना लक्ष्य निर्धारित करके स्टेप बाय स्टेप आगे बढऩा चाहिए, शॉर्टकट का रास्ता नही अपनाना चाहिए। धैर्य बनाकर रखना चाहिए, जरूरी नही की आपको पहले ही प्रयास में सफलता मिल जाये, उनके लिए आपको कठिन मेहनत और धैर्य बनाये रखने की जरूरत है। यवाओ को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढऩा चाहिए, उन्हें पता होना चाहिए कि वो भारत के भविष्य है और वो ऐसा अच्छे काम करे कि लोगो के लिए प्रेरणास्रोत बन सके। यवाओ को किसी भी प्रकार के नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहना चाहिए और इसके प्रति लोगो को जागरूक भी करना चाहिए। अगर आप ईमानदारी से मेहनत करते है तो सफलता आपकी कदम जरूरी चूमेगी। दुर्ग पुलिस जनता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर है, हमारा काम है कि हम पीडि़तों की समस्याओं से गंभीरता से ले और उस पर त्वरित कार्यवाही करे।
जनता से हम मित्रवत व्यवहार रखें ताकि जनता हमसे जुड़े और एक बेहतर समाज निर्माण में पुलिस की सहयोगी बने। असामाजिक तत्वों के मन मे पुलिस का डर हमेशा बना रहना चाहिए ताकि जनता की नजर में पुलिस की छवि अच्छी बनी रहे। जनता की रक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की होती है और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करेंगे। समाज में शांति कायम करना और पुलिस के प्रति आम लोगों में विश्वास का माहौल बनाना ही मेरा उद्देश्य रहेगा। अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाना है। वीआईपी जिला होने के कारण व्यस्तता रहती है, ट्रैफिक की समस्याओं से जल्द निजात मिल जाएगा। चार-चार फ्लाई ओवर निर्माणाधीन है जिसके कारण थोड़ा दिक्कत हो रहा है, निर्माण कार्य पचास प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है इसके पूर्ण होते ही यातायात सुगम हो जाएगा। दुर्ग की जनता से यही अपील है कि आने वाले दिनों में दशहरा, दीपावली, छठ जैसे बड़े त्यौहार है और कोविड का भी समय चल रहा है। कोविड अभी पूरी तरह खत्म नही हुआ है इसलिए शासन के गाइडलाइंस का पालन करते हुए त्यौहार को मनाए। मास्क पहने, सोशल डिस्टेस्टिंग का पालन करे और हैंड सेनेटाइजर का प्रयोग करें। बहुत जरूरी होने पर ही भीडभाड़ जगहों पर जाए। खुद भी सुरक्षित रहे और अपने परिवार को भी सुरक्षित रखें।














