नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जो बाइडेन के बीच मुलाकात में काफी गर्मजोशी देखने को मिली। पीएम मोदी जब व्हाइट हाउस पहुंचे तो जो बाइडेन ने आगे बढ़कर गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। गेट पर पीएम मोदी का इंतजार कर रहे जो बाइडेन ने भारतीय प्रधानमंत्री के आते ही उन्हें प्रणाम किया और काफी देर तक हाथ पकड़ बात करते रहे। इसके बाद जब जो बाइडेन के इंडिया कनेक्शन पर ऐसी बातें हुईं कि पीएम मोदी तो हंसे ही, पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पहली द्विपक्षीय प्रत्यक्ष बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से कहा कि वह यह साबित करने वाले दस्तावेज साथ लाए हैं कि भारत में बाइडेन ‘सरनेम’ (उपनाम) वाले उनसे संबंधित हैं। दोनों नेताओं ने व्हाइट हाउस में मजाकिया अंदाज में इस मुद्दे को लेकर बातचीत की।
जो बाइडेन ने जब यह पूछा कि भारत में रहने वाले बाइडेन उपनाम वालों से उनका संबंध है तो प्रधानमंत्री मोदी ने ‘हां’ में इसका जवाब दिया। पीएम मोदी ने जब कहा कि वह भारत में रहने वाले बाइडेन उपनाम के लोगों से जुड़े दस्तावेज साथ लाए हैं, तो बाइडन ने पूछा, ‘क्या मेरा इनसे संबंध है?’ इस पर मोदी ने कहा, ‘हां’। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति महोदय, आपने आज भारत में बाइडेन उपनाम को लेकर विस्तार से बात की। यहां तक कि पूर्व में भी आपने मेरे साथ इस बारे में चर्चा की थी। आपके जिक्र करने के बाद मैंने दस्तावेज खंगाले। आज, मैं ऐसे कई दस्तावेज साथ लाया हूं।’
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी पहली बैठक के दौरान मजेदार तरीके से संभावित ‘इंडिया कनेक्शन’ के बारे में बताया। उन्होंने बाइडेन ‘सरनेम’ वाले एक व्यक्ति के बारे में एक घटना याद करते हुए यह कहा, जिसने 1972 में उनके पहली बार सीनेटर चुने जाने पर उन्हें एक पत्र लिखा था। बाइडेन ने 2013 में अमेरिकी उपराष्ट्रपति रहने के दौरान खुद के मुंबई में होने को याद करते हुए कहा कि उनसे पूछा गया था कि क्या भारत में उनका कोई रिश्तेदार है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया, ‘मैंने कहा था कि मैं इस बारे में निश्चित नहीं हूं, लेकिन जब मैं 1972 में 29 साल की उम्र में पहली बार निर्वाचित हुआ था, तब मुझे मुंबई से बाइडन ‘सरनेम’ वाले एक व्यक्ति का पत्र मिला था।’ उन्होंने बताया कि अगली सुबह प्रेस ने उन्हें बताया कि भारत में पांच बाइडन रहते थे। इस बारे में और विस्तार से बताते हुए बाइडन ने मजाकिया लहजे में कहा, ”ईस्ट इंडिया टी (चाय) कंपनी में एक कैप्टन जॉर्ज बाइडन थे। जो एक आयरिश व्यक्ति के लिए स्वीकार करना मुश्किल था। मैं आशा करता हूं कि आप मजाक समझ रहे हैं। वह संभवत: वहीं रहे और एक भारतीय महिला से शादी कर ली। ”
#WATCH | Washington DC: PM Narendra Modi tells US President Joe Biden, "You mentioned about people in India with 'Biden' surname. You had discussed the same with me. I hunted for some documents. I have brought them with me. Maybe these will help you out." pic.twitter.com/5JMAPInCmp
— ANI (@ANI) September 24, 2021
बाइडन ने कहा, ‘मैं कभी उसका पता नहीं लगा सका, इसलिए इस बैठक का पूरा मकसद इसका हल करने में मेरी मदद करना है।’ इस पर, प्रधानमंत्री मोदी सहित बैठक कक्ष में मौजूद सभी लोगों के ठहाकों से हॉल गूंज उठा। बता दें कि पीएम मोदी ने बाइडेन के साथ द्विपक्षीय मुलाकात में अफगानिस्तान और तालिबान का भी मुद्दा उठाया है और आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की भूमिका पर भी चिंता व्यक्त की है।
और हंस पड़े दोनों राष्ट्रप्रमुख
औपचारिक अभिवादन के बाद जैसे दोनों नेता बात करने बैठे प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में बाइडेन सरनेम की बात शुरू कर दी। उन्होंने कहा, “आपने भारत में बाइडन सरनेम का जिक्र किया। मैंने इससे जुड़े काफी कागजात ढूंढने की कोशिश की है। मैं इनमें से काफी कागजात अपने साथ भी लाया हूं। शायद आप इस मामले को आगे बढ़ा सकते हैं।” यह बात सुनते ही अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन हंस पड़े।
#WATCH | Washington DC: US President Joe Biden recalls his visit to Mumbai as the then US Vice President and, in a lighter vein, says, "Indian Press asked me if I have any relative in India…Someone from the Indian Press said you have five Bidens in India…" pic.twitter.com/Vv8KnNbYF9
— ANI (@ANI) September 24, 2021
2013 में बाइडेन ने बताई थी भारत से कनेक्शन की बात
गौरतलब है कि बाइडेन 2013 मे जब अमेरिका के उपराष्ट्रपति थे तब मुंबई आए थे। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि उनके दूर-दराज के कुछ रिश्तेदार भारत की वित्तीय राजधानी में रहते हैं। वहीं साल 2015 में वॉशिंगटन में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि 1972 में सीनेटर बनने के बाद उन्हें भारत में अपने एक रिश्तेदार का पत्र मिला था। इसमें पता चला था कि उनके परिवार के एक पूर्वज ईस्ट इंडिया कंपनी में काम करते थे। बाइडन ने कहा था कि मुंबई में बाइडेन परिवार के पांच लोग रहते हैं। जो बाइडेन ने कहा था कि किसी ने उन्हें मुंबई में रहने वाली बाइडेन फैमिली के फोन नंबर भी दिए थे। उन्होंने श्रोताओं को बताया था कि अभी उन्होंने बात नहीं की है लेकिन आगे वह ऐसा करने की सोच रहे हैं।
लेस्ली बाइडेन ने लिखी थी जो बाइडेन को चिट्ठी
असल में जो बाइडेन को चिट्ठी नागपुर के लेस्ली बाइडन ने लिखी थी। उनके पड़पोते नागपुर में रहते हैं । पत्र में दावा किया गया कि उनका परिवार 1873 से ही यहां रह रहा है। लेस्ली की पड़पोती सोनिया बाइडन फ्रांसिस नागपुर में मनोचिकित्सक हैं। सोनिया ने कहा कि लेस्ली बाइडन नागपुर में रहते थे और वह भारत लॉज एंड हॉस्टल, और भारत कैफे के प्रबंधक थे । उनका 1983 में निधन हो गया। सोनिया ने कहा कि ‘इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया के 28 मार्च-चार अप्रैल 1981 के अंक को पढ़कर लेस्ली को तत्कालीन सीनेटर जो बाइडन के बारे पता चला। सोनिया ने कहा था कि 15 अप्रैल 1981 को लेस्ली ने जो बाइडन को एक पत्र लिखा। जो बाइडन ने 30 मई 1981 को इसका जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा कि भारत से आए पत्र को देखकर उन्हें काफी खुशी हुई और बाइडन की वंशावली के बारे में पूछा। सोनिया के बड़े भाई और मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी इयान बाइडन (44) भी नागपुर में रहते हैं।
उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की मां का भी छिड़ा जिक्र
इस दौरान जो बाइडन ने उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस के भी भारत कनेक्शन पर चर्चा की। उन्होंने कमला हैरिस की मां का जिक्र करते हुए कहा कि वह भारत से थीं। उन्होंने बताया कि उप-राष्ट्रपति की मां जानी-मानी वैज्ञानिक भी थीं। बाइडन ने आगे कहा कि आज के समय में लोगों को शांत और सहनशील बनने की जरूरत है। साथ ही भारत के साथ संबंधों पर बाइडन ने कहा कि हमारी साझेदारी पहले से और ज्यादा बढ़ रही है।















