भिलाई। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के संरक्षक प्रभुनाथ बैठा, प्रांतीय अध्यक्ष सुखचैन सिंग सुख्खा, पायल ट्रेवल्स के संचालक प्रकाश देशलहरा एवं पीयूष देशलहरा , रविंद्र भारती गुरप्रीत सिंह ढींगरा , पंकज सेठी ,दिलीप भाई ,अरुण कुमार बैठा, लोकेश्वर सिंह, सुमित ताम्रकार ,आनंद यादव, उमेश सिंह, शमशेर सिंह ,रामू पंडित तथा ट्रांसपोर्ट नगर हथखोज के वरिष्ठ सदस्यों ने आरटीओ ऑफिस दुर्ग पहुंचकर स्पीड गवर्नर, जीपीएस एवं रेडियम को लेकर दुर्ग आरटीओ अनुभव शर्मा के समक्ष रोष व्यक्त किया।
सरकार द्वारा जारी की जा रही नए परिवहन नियम जो पिछले साल जारी की गई थी उसे अमान्य घोषित कर फिर से स्पीड गवर्नर ,जीपीएस एवं रेडियम लगाने पर जोर दिया जा रहा है जिसका रेट मार्केट से कई गुना ज्यादा है जो रेडियम यहां पर गाड़ियों में लगाने पर दबाव दिया जा रहा है जिसका मूल्य ₹3300 है यही रेडियम नागपुर में ₹900 में मिल रहा है।
कोरोना महामारी ने सभी गाड़ी मालिकों का कमरतोड़ दी है वही जब कॅरोना धीरे धीरे खत्म हो रहा है तो फिटनेस के वक्त GPS ए आई एस 140 अनिवार्य रूप से लागू करने, वाहनों में गति नियंत्रण उपकरण (SLD) लगाने तथा मानक एवं डिजाइन के रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जाने हेतु राज्य शासन द्वारा दबाव बनाया जा रहा है।
आज हम अपनी गाड़ी को फिटनेस करेंगे तो लगभग 14000हजार रुपया अतिरिक्त खर्च आ रहा है इस करोना महामारी में परिवहन व्यवसाय अनेकों प्रकार के परेशानियों से गुजर रहा है स्पेयर पार्ट्स के बढ़ते दाम, डीजल के मनमाने रेट तथा गाड़ियों में अनुभवी चालक की कमी व्यापार को चौपट कर रखा है हम सभी केंद्र व राज्य सरकार से मांग करते है।
जिस तरह एक लिफाफे का ट्रांसपोर्टिंग रेट सरकार तय करती है उसी तरह कमर्शियल गाड़ियों के भी रेट सरकार किलोमीटर के हिसाब से तय करें अगर नहीं कर पाती है तो उस स्थिति में उपरोक्त तीनों पार्ट्स राज्य सरकार खुद गाड़ियों में लगाकर फिटनेस करें जिसका राशि सरकार खुद वहन करें जैसे हमारे देश में किसानों के कर्ज को माफ किया जा रहा है तथा अच्छे मूल्य में धान खरीदी की जा रही है ,साथ में बोनस भी दिया जा रहा है।
उसी तरह हम सभी छत्तीसगढ़ के लाडले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग करते हैं की इस मंदी मार्केट में स्थानीय गाड़ी मालिकों को राहत देने की कृपा करें अन्यथा यह भी व्यवसाय बड़े पूजीपतियों के हाथों जाते नजर आ रहा है अगर ऐसा नहीं हुआ तो जो कमजोर गाड़ी मालिक जिनकी संख्या हजारो में हैं जोकि गाड़ी से ही अपना परिवार पालते हैं वह इस व्यवसाय से वंचित हो जाएंगे ऐसे भी केंद्र सरकार प्रदूषण का हवाला देकर पूजीपतियों को लाभ पहुचाने हेतु 15 साल पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप पॉलिसी लागू करने जा रही है।
हम सभी सरकार से मांग करते है कि स्क्रैप पॉलिसी लागू होने तक फिटनेस की नई पॉलिसी लागू न किया जाय अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो समस्त गाड़ी मालिकों को आरटीओ कार्यालय में मजबूरन गाड़ियों को जमा करना पड़ेगा।















