नईदिल्ली (ए)। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का खास महत्व होता है. इस साल पितृ पक्ष 20 सितंबर से शुरू हो रहा है और 6 अक्टूबर को समाप्त होगा। पितृ पक्ष में लोग अपने पूर्वजों को याद करते है. पितृ पक्ष में उनकी आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, श्राद्ध करते हैं. पितृ पक्ष 15 दिन का होता है, इस दौरान तर्पण कर अपने पितरों आशीर्वाद लेते है।
पितृ पक्ष में कुछ खास चीजों का पालन करना चाहिए, नहीं तो पूर्वज नराज हो जाते है और उसके जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होने लगती है।
ये काम भूलकर भी न करें
- पितृ पक्ष के दौरान लहसुन, प्याज, नॉनवेज और शराब जैसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
- पितृ पक्ष में घर का जो व्यक्ति श्राद्ध कर्म करता है, उसे बाल-नाखून नहीं कटवाना चाहिए. इसके साथ ही ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
- श्राद्ध कर्म हमेशा दिन में ही करना चाहिए। सूर्यास्त के बाद श्राद्ध कर्म अशुभ माना जाता है।
- पितृ पक्ष में दरवाजे पर आए पशु-पक्षी को भोजन कराना चाहिए।
- पितृ पक्ष में गलती से भी पशु-पक्षी को न सताएं, ऐसा करना परेशानियों को बुलावा देना है. पशु-पक्षियों को कभी भी नहीं सताना चाहिए।
- पितृ पक्ष में खुद भी पत्तल में ही भोजन करें और ब्राह्राणों को पत्तल में ही भोजन कराएं।
- पितृ पक्ष में लौकी, खीरा, चना, जीरा और सरसों का साग नहीं खाना चाहिए।
- इन दिनों शादी, मुंडन, सगाई जैसे कोई भी शुभ काम गलती से भी न करें।















