दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। स्कूल के दिनों में जब स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस के अवसर पर स्कूल में आईएएस,आईपीएस ऑफिसर आते थे तब उनको देखकर बहुत ही प्राउड फील होता था, मैं यही सोचती थी कि मैं भी आईएएस ऑफिसर बनूगी। मेरे फूफाजी आईपीएस है, जिन्हें मैं करीब जानती थी, जान-पहचान में भी कई ऑफिसर थे, जिनको करीब से जानने का कारण मुझे भी आईएएस बनने की प्रेरणा मिली। यह सब बातें दुर्ग में नवपदस्थ अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) आईएएस नूपुर राशि पन्ना ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक के सफर को हमसे साझा किया।
आईएएस नूपुर राशि पन्ना मूलत: बोकारो (झारखंड) से है। इनकी प्रारंभिक और हायरसेकंडरी तक कि शिक्षा स्टील सिटी बोकारो के सेंट जेवियर्स स्कूल में पूरी हुई। क्राइस्ट कॉलेज, बंगलुरू से इन्होंने वर्ष 2006 में बीएससी (कंप्यूटर साइंस) से स्नातक की डिग्री हासिल किया। कैंपस प्लेसमेंट में इनका चयन विप्रो कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद हुआ। वर्ष 2006 से वर्ष 2010 तक इन्होंने वहां अपनी सेवाएं दी। नौकरी करते हुए इन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में भाग लिए लेकिन नौकरी की वजह से पढ़ाई में पूरी तरह फोकस नही कर पाने के कारण इन्हें यूपीएससी की परीक्षा में सफलता नही मिल पा रही थी।
आईएएस बनने का सपना पूरा करने के लिए इन्होंने विप्रो कम्पनी की जॉब छोड़ कर वर्ष 2011 में यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली गई और वहां यूपीएससी की तैयारी करते हुए वर्ष 2013 में दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। एक, दो, तीन नही पूरे चार बार यूपीएससी की परीक्षा में सफलता नही मिलने पर भी नूपुर राशि पन्ना ने ना हार मानी और ना ही हताश हुई निरंतर तैयारियों में जुटी रही। अपने कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास, धैर्य और लगन के कारण वर्ष 2015 में इनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के लिए हुआ और इन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला।
वर्ष 2015 से 2016 तक एक वर्ष मसूरी ट्रेनिंग के बाद वर्ष 2016 में इनकी पहली पोस्टिंग सहायक कलेक्टर, अम्बिकापुर के पद पर हुई, जहां इन्होंने एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। ट्रेनिंग के लिए तीन माह दिल्ली गई। वर्ष 2017 में इन्हें एसडीएम सरायपाली (महासमुंद) की जिम्मेदारी सौंपी गई जहां इन्होंने एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2018 में इन्हें कोंडागांव जिला पंचायत का सीईओ की जिम्मेदारी दी गई, जहां इन्होंने एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2019 में इन्हें मुंगेली जिला पंचायत का सीईओ की जिम्मेदारी दी गई, जहां इन्होंने एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। उसके बाद पांच माह तक एडीएम बिलासपुर के पद पर अपनी सेवाएं देने के बाद सरकार ने इन्हें मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के वीआईपी जिला दुर्ग के एडीएम की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, जिसे यह जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही है।
बैडमिंटन, रनिंग और व्यायाम में विशेष रुचि रखने वाली आईएएस नूपुर राशि पन्ना अपने माता-पिता को अपना आदर्श मानती है। इन्होंने बताया कि मेरे माता-पिता अपना जीवन देश की सेवा करने में लगा रखे है, उन्होंने मुझे उत्तम शिक्षा का अवसर दिया ताकि मैं भी उनकी तरह समाज और देश की सेवा कर सकू। इनके पिता बोकारो स्टील प्लांट में तथा माता स्कूल में प्रिंसिपल है।
आईएएस नूपुर राशि पन्ना ने कार्य करने के उद्देश्य को लेकर बताया कि बहुत से आम जनता जिनकी बड़ी परेशानियां सरकारी ऑफिस के लिए छोटी होती है पर उनका काम नही होने के कारण वह आम जनता के लिए बड़ी समस्या बन जाती है, ऐसे लोगो की समस्याओं को जल्द से जल्द पूरी कर उनको मानसिक और शारीरिक प्रताडऩा से मुक्ति दिलाना मुख्य उद्देश्य रहता है। बच्चों के शिक्षा और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस रहता है। शिक्षा केवल साक्षर होने के लिए नही होता बल्कि मानसिक और दिमागी तौर पर पूरी तरह लडऩे का हथियार है। शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा कार्य करें जो लोगो को अच्छा इंसान बनाये जो समाजहित में बेहतर कार्य कर सके।
वैश्विक महामारी कोरोना ने हमे एक मार्मिक दृश्य दिखाया है। हमे शिक्षा के द्वारा अच्छे इंसान बनने की कोशिश करने की आवश्यकता है। जो युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे है उन्हें अपना अनुभव व सलाह साझा करते हुए आईएएस नूपुर राशि पन्ना ने बताया कि मैं बहुत से युवाओं से मिलती हूँ जो तैयारी करते करते हताश हो जाते है।
उनको मैं यही कहना चाहती हूँ की यह एक स्ट्रगल का समय रहता है, किसी की जल्दी जॉब लग जाती है किसी का विलम्ब से। आपकी लड़ाई स्वयं से है, कंपटीशन से नही है। खुद को हर तरह से तैयार करें। हताश ना हो विजन का होना बहुत जरूरी है। आप देश की सेवा कई तरीके से कर सकते है। आप बागवानी, एथेलेटिक्स, खेती, वकील, जनर्लिस्ट, फोटोग्राफी, डॉक्टर, इंजीनियर आदि बनकर भी देश की सेवा कर सकते है।
अगर आप कोशिश में सफल नही हुए तो हताश ना हो, हर इंसान में कोई ना कोई खासियत होती है आप अपने अंदर के गुणों को खोजे और उस पर काम करें। पहले हमारे पास एक ही पोस्ट पर काम करने का मौका रहता था, पर अब जमाना बदल गया है हमारे पास का विकल्प मौजूद है।














