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तालिबान की एंट्री के बाद काबुल छोड़ रहे हैं लोग, सड़कों पर भी भीषण जाम, तालिबान ने बताया अफगान पर शासन का मॉडल

नईदिल्ली (ए)। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में तालिबान की एंट्री हो चुकी है। इसके साथ ही यहां पर तालिबान का कब्जा हो चुका है। रविवार को नई अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में अली अहमद जलाली को चुना गया है।

तालिबान को सत्ता हस्तांतरित करने के लिए अफगान प्रेसिडेंशियल पैलेस एआरजी में बातचीत चल रही है। वहीं तालिबान के कब्जे में आने के बाद काबुल की मुश्किलें बढ़ रही हैं। सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह के वीडियो पोस्ट कर लोग यहां के ताजा हालात के बारे में बता रहे हैं।

सड़कों पर वाहनों की कतार
ओबैदुल्ला रहीमी मशवानी नाम के एक टि्वटर यूजर ने वीडियो पोस्ट किया है। इसमें काबुल के ताजा हालात को दिखाया गया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि शहर की तमाम सड़कों पर वाहनों की कतार है। इसके चलते पूरे शहर में जाम लगा हुआ है।

टि्वटर यूजर का कहना है कि उसने यह वीडियो नहीं बनाया है, लेकिन वह शहर की सड़कों पर निकला था। इस दौरान वहां पर ठीक ऐसे ही हालात थे, जैसा वीडियो में दिखाया गया है।

सब दूर भाग रहे हैं
मसीह अलीनेजाद नाम की ईरानी पत्रकार और एक्टिविस्ट ने सहरा करीमी का एक वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो में सहरा कुछ देर के लिए अपना मास्क हटाती नजर आती हैं। वीडियो के साथ मसीह ने करीमी के हवाले से ट्वीट किया है। इस ट्वीट में लिखा है कि शहर में तालिबान की एंट्री हो चुकी है। हम सब दूर भाग रहे हैं।

ट्वीट में आगे लिखा है कि यह किसी डरावनी फिल्म का सीन नहीं है। यह तालिबान की हकीकत है। पिछले हफ्ते ही कुल में एक फिल्म फेस्टिवल का आयोजन हुआ था और आज सब अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे हैं। यह देखना दुखद है कि दुनिया भर के लोग कोई मदद नहीं कर रहे हैं।

महिलाओं को मिलेंगी आजादी, विदेशी जा सकते हैं अपने देश… तालिबान ने बताया अफगान पर शासन का मॉडल

अफ़ग़ानिस्तान सरकार के सत्ता से बदखल होने से पहले सत्ता हस्तांतरण की एक अंतरिम व्यवस्था की जा रही है। इस बीच तालिबान ने कहा है कि वे महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करते हैं।  तालिबान के एक प्रवक्ता ने रॉयटर्स को बताया कि महिलाओं को अकेले घर छोड़ने की अनुमति होगी। उन्हें शिक्षा के लिए और काम तक पहुंचने की अनुमति होगी। लेकिन उन्हें हिजाब पहनना होगा।

आपको बता दें कि तालिबान ने 1996 से 2001 तक शासन का भयानक उदाहरण स्थापित किया था। पहले के शासन में कोड़े मारना, पत्थर मारना तालिबान की सजा के सामान्य रूप थे। हालांकि जैसा कि रॉयटर्स ने बताया, प्रवक्ता ने कहा कि सजा पर नीति अदालतों पर निर्भर करेगी। प्रवक्ता ने कहा कि मीडिया को किसी की भी आलोचना करने की इजाजत होगी, लेकिन उन्हें चरित्र हनन में शामिल नहीं होना चाहिए।

तालिबान की वापसी अफगान महिलाओं के लिए एक दुःस्वप्न जैसा है। हाल ही में जब कंधार में तालिबान विद्रोहियों ने अज़ीज़ी बैंक के कार्यालयों में प्रवेश किया तो वहां काम करने वाली नौ महिलाओं को जाने का आदेश दिया है। तालिबान ने कहा कि पुरुष रिश्तेदार उनकी जगह ले सकते हैं।

विद्रोही समूह ने रॉयटर्स को बताया कि तालिबान लड़ाके को अभी जश्न में गोलियां चलाने की अनुमति दी गई है क्योंकि शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण के लिए बातचीत अभी भी चल रही है। तालिबान ने कहा कि अगर विदेशी चाहें तो शहर में जा सकते हैं। लेकिन अगर वे रहना जारी रखते हैं, तो उन्हें तालिबान प्रशासकों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

रूसी समाचार एजेंसी स्पुतनिक ने बताया कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के अगले कुछ घंटों में पद छोड़ने की उम्मीद है। अफगानिस्तान के पूर्व आंतरिक मंत्री अली अहमद जलाली को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने की संभावना के साथ, तालिबान अगले कुछ घंटों में शांति से सत्ता हस्तांतरण की उम्मीद कर रहे हैं।

केवल एक सप्ताह में, तालिबान ने लगभग पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है और अफगान सेना की बड़ी विफलता पर सवाल उठा रहा है। जिनके भरोसे अशरफ गनी सेना को फिर से संगठित करने का दंभ भर रहे थे, उन्होंने पिछले कुछ दिनों में तालिबान के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। जाहिर तौर पर अफगान सरकार के सामने कोई विकल्प नहीं बचा था। दोहा में भी वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला।

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